
Market insight : मार्केट के आउटलुक पर चर्चा करते हुए DRChoksey FinServ के MD देवेन चोकसी ने कहा कि इंफोसिस और एंथ्रोपीक्स के बीच AI के लिए हुए करार को व्यापक नजरिए से देखें तो इससे इंडियन आईटी कंपनियों के लिए एक बड़ी बड़ी ओपोरर्चुनिटी बन रही है। हमारी आईटी कंपनियां अभी तक जिस बिजनेस मॉडल पे रन कर रही थीं उसमें टाइम एंड एफर्ट बेसिस पर उनकी बिलिंग होती थी। अब एआई के आने के साथ यह बिलिंग प्रोग्राम अब आउटकम बेस पर शिफ्ट हो जाएगा। यह अपने में बहुत अहम है। इससे आगे भारतीय आईटी कंपनियों को फायदा होगा। ऐसे में आईटी कंपनियों में गिरावट में खरीदारी का मौका है। इसी के चलते शायद आज आईटी कंपनियों में खरीदारी भी आई है।
AI आईटी कंपनियों के लिए किलर नहीं, बल्कि इनेबलर
आईटी कंपनियां अभी अच्छे वैल्यूएशन पर भी दिख रही हैं। इनमें सालाना 20-25 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एआई से डरने की जरूरत नहीं है। इस समय चुनिंदा आईटी कंपनियों में खरीदारी के मौके हैं। देवेन चोकसी का मानना है कि AI आईटी कंपनियों के लिए किलर नहीं, बल्कि इनेबलर का काम करेगा।
अमेरिका और यूरोप के बाजार खुलने से फार्मा स्पेस में इंटीग्रेशन की संभावना
बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि मार्केट में इस समय कंसोलीडेशन और पोर्टफोलियो शिफ्टिंग देखने को मिल रही है। बाजार लॉन्ग टर्म के नजरिए अच्छा नजर आ रहा है। बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी का अच्छा मौका मिल रहा है। फार्मा सेक्टर में CDMO और API स्पेस अच्छा लग रहा है। डिवीज और लॉरेस लैब्स में 20-25 फीसदी ग्रोथ की संभावना नजर आ रही है। सिप्ला और डॉ रेड्डीज जैसी जेनरिक कंपनियों में आगे अच्छी ग्रोथ नजर आ रही है। एफटीए के जरिए अमेरिका और यूरोप के बाजार खुलने से फार्मा स्पेस में आगे हमें काफी इंटीग्रेशन देखने को मिल सकते हैं। कुछ इंडियन फार्मा कंपनियां कुछ ग्लोबल फार्मा कंपनियों के साथ इंटीग्रेटेड हो सकती। इसे एक अच्छी ओपोरर्चुनिटी गिनी जानी चाहिए। ऐसे में चुनिंदा फॉर्मा कंपनियों में अच्छे मौके मिल सकते हैं।
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