IT Stocks की गिरावट से Mutual Funds को ₹50000 करोड़ का झटका, AI से इन शेयरों को अधिक रिस्क – it stocks downs mfs portfolio generative ai fears trigger rupees 50000 crore notional loss



IT Stocks downs MFs Portfolio: आईटी स्टॉक्स की मौजूदा गिरावट ने म्यूचुअल फंड्स को भी तगड़ा शॉक दिया है। मार्केट में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी बड़े पैमाने पर मानव-आधारित कोडिंग और आईटी सपोर्ट सर्विसेज की मांग को कम कर सकती है जोकि भारत की सॉफ्टवेयर निर्यात कंपनियों की कमाई का प्रमुख स्रोत है। ACE Equities के आंकड़ों के अनुसार म्यूचुअल फंड का टॉप 10 आईटी स्टॉक्स में निवेश जनवरी 2026 के आखिरी में ₹3.56 लाख करोड़ से घटकर 13 फरवरी तक ₹3.04 लाख करोड़ पर आ गया यानी करीब ₹50,000 करोड़ का नोशनल यानी कागजी नुकसान।

स्टॉकवाइज क्या है स्थिति?

ACE Equities के आंकड़ों के मुताबिक म्यूचुअल फंड की सबसे अधिक होल्डिंग इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक में है। इसमें इंफोसिस में बात करें तो म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग जनवरी के आखिरी में ₹1.37 लाख करोड़ से गिरकर 13 फरवरी को ₹1.14 लाख करोड़ पर आ गई यानी कि पोर्टफोलियो को इंफोसिस के चलते ₹22,600 करोड़ का झटका लगा। इस दौरान टीसीएस में म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग ₹62,270 करोड़ से ₹8,600 करोड़ घटकर ₹53,660 करोड़, एचसीएल टेक में ₹40,885 करोड़ से ₹5,800 करोड़ फिसलकर ₹35,080 करोड़ पर आ गई।

बाकी आईटी स्टॉक्स में बात करें तो टेक महिंद्रा में म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग ₹3,900 करोड़, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में ₹2,000 करोड़, कोफोर्ज में ₹3,670 करोड़स, एमफेसिस में ₹1,740 करोड़ और विप्रो में ₹1,231 करोड़ कम हुई है। इस महीने 13 फरवरी तक इंफोसिस 16.5%, टीसीएस 14% और एचसीएल टेक 14.2% कमजोर हुआ है। वहीं टेक महिंद्रा 12% तो पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और विप्रो 10-10% के करीब टूटे हैं। निफ्टी आईटी इस दौरान 14% फिसला।

सबसे अधिक होल्डिंग्स की बात करें तो एसबीआई म्यूचुअल फंड की टॉप-5 स्टॉक्स में करीब ₹62,000 करोड़, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचूअल फंड की करीब ₹55 हजार करोड़ और HDFC म्यूचुअल फंड की ₹41,600 करोड़ की होल्डिंग है। यूटीआई म्यूचुअल फंड की होल्डिंग ₹29,750 करोड़, निप्पन इंडिया म्यूचुअल फंड की ₹28,350 करोड़, कोटक महिंद्रा म्यूचूअल फंड की ₹23,870 करोड़, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड की ₹14,500 करोड़ और मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड की ₹12,370 करोड़ की होल्डिंग है।

क्यों मचा आईटी सेक्टर में हाहाकार और किसमें है रिस्क अधिक?

एंथ्रॉपिक ने Claude के लिए कई ओपन-सोर्स कोवर्क प्लग-इन्स जारी किए तो आईटी सेक्टर में हाहाकार मच गया। साथ ही दिसंबर 2025 के अर्निंग्स कॉल के दौरान Palantir Tech ने दावा किया कि उसका एआई प्लेटफॉर्म SAP ERP क्लाउड माइग्रेशन को कुछ वर्षों से घटाकर कुछ हफ्तों में कर सकता है तो आईटी सेक्टर पर दबाव और बढ़ा। अब इन्हें लेकर ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इंडिया का मानना है कि एआई के चलते अगले 1–2 वर्षों तक एआई के चलते घरेलू आईटी कंपनियों की कमाई पर दबाव दिख सकता है। सबसे अधिक रिस्क की बात करें तो टीसीएस, टेक महिंद्रा और एलटीआईमाइंडट्री का ऐप सर्विसेज में हाई एक्सपोजर है, करीब 55-60% तक तो सबसे कम एक्सपोजर एचसीएल टेक का है, करीब 40%। ईआरपी सर्विसेज में सबसे अधिक एक्सपोजर विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री का है, सेल्स का करीब 20% तो टेक महिंद्रा का सबसे कम, करीब 12%।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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