
Nifty Outlook: शुक्रवार को निफ्टी ने 236 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ गैप डाउन शुरुआत की और पूरे दिन बिकवाली के दबाव में रहा। दिन के दौरान इंडेक्स 25,444 तक फिसला और लगभग उसी स्तर के पास बंद हुआ। लगातार दूसरे दिन गिरते हुए निफ्टी 336 अंक यानी 1.3 प्रतिशत टूटकर 25,471 पर बंद हुआ। यह 25,500 का स्तर भी गंवा बैठा।
IT शेयरों ने बढ़ाया दबाव
गिरावट में सबसे बड़ा योगदान IT शेयरों का रहा। इसी वजह से इंडेक्स पर भारी दबाव बना रहा। कमजोर माहौल के बावजूद Bajaj Finance, Eicher Motors और SBI Life बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, Hindalco, Hindustan Unilever और Eternal प्रमुख गिरने वाले शेयरों में रहे।
हर सेक्टर में बिकवाली
सेक्टोरल आधार पर बिकवाली व्यापक रही। मेटल, रियल्टी और FMCG शेयरों में ज्यादा कमजोरी दिखी और सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट ने भी निराश किया। Nifty Midcap 100 में 1.71 प्रतिशत और Nifty Smallcap 100 में 1.79 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे साफ है कि दबाव सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं था।
IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
पूरे हफ्ते में Sensex और Nifty करीब 1 प्रतिशत नीचे रहे। IT सेक्टर में तेज बिकवाली मुख्य वजह रही। IT इंडेक्स पिछले हफ्ते 8 प्रतिशत गिरा, जो एक साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।
निफ्टी के छह सबसे बड़े गिरने वाले शेयरों में से पांच IT कंपनियां थीं। इनमें Infosys, HCLTech, TCS, Wipro और Tech Mahindra शामिल हैं। इस गिरावट से IT कंपनियों के मार्केट कैप में करीब ₹3 लाख करोड़ की कमी आई।
एक ओर IT शेयरों में दबाव रहा, वहीं डिफेंस और PSU बैंक शेयरों ने ट्रेंड के उलट करीब 4 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।
सोना चांदी में भी बड़ी गिरावट
कमोडिटी बाजार में भी कमजोरी दिखी। सोना और चांदी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई। अमेरिकी डॉलर मजबूत होने और जनवरी के बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम हुईं।
साथ ही रूस के संभावित तौर पर डॉलर सेटलमेंट सिस्टम में लौटने की खबरों ने डॉलर को और मजबूती दी। इससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
तकनीकी रूप से निफ्टी अपने 21 दिन, 50 दिन और 100 दिन के मूविंग एवरेज के नीचे आ चुका है। ये स्तर क्रमशः 25,480, 25,770 और 25,690 पर थे। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर पड़ रहा है।
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार की बिकवाली ने रिकवरी की कोशिशों को झटका दिया है। उनके मुताबिक अगर निफ्टी 25,450 के नीचे मजबूती से टूटता है तो आने वाले हफ्ते में यह 25,200 तक फिसल सकता है, जो 200 दिन के EMA के करीब है। फिलहाल 25,600 नजदीकी रुकावट बना हुआ है।
25,000 तक भी आ सकता है इंडेक्स
Centrum Finverse के नीलेश जैन का मानना है कि 25,300 के आसपास मौजूद 200 दिन का DMA जल्द टेस्ट हो सकता है। उनका कहना है कि बाजार की चाल फिलहाल साइडवेज से कमजोर है। जब तक निफ्टी 25,800 के ऊपर नहीं निकलता, तब तक हर उछाल पर बिकवाली आ सकती है।
LKP Securities के रूपक डे के अनुसार 25,500 के नीचे बंद होना शॉर्ट टर्म रुख को नीचे की ओर मोड़ता है। उनका मानना है कि निफ्टी 25,000 तक भी फिसल सकता है। ऊपर की ओर 25,800 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस दिखाई दे रहा है।
ट्रेंड बुलिश से बेयरिश में बदला
HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि 20 दिन और 50 दिन के EMA टूटने से ट्रेंड के बुलिश से बेयरिश होने की पुष्टि होती है। उनके मुताबिक अगला पोजिशनल सपोर्ट 25,108 पर है, जो 3 फरवरी 2026 को बने गैप का निचला स्तर है। वहीं 25,215 पर मौजूद 200 दिन का EMA बीच में सहारा दे सकता है।
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