
IT Stocks: आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट अब कोरोना काल की याद दिलाने लगी है। आईटी सेक्टर के लिए यह सप्ताह मार्च 2020 के बाद का अब तक का सबसे खराब साबित होता दिख रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिंताओं और अमेरिकी टेक शेयरों में तेज गिरावट का सीधा असर भारतीय कंपनियों पर पड़ा है, जिसके चलने शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली है।
हालांकि, मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि इस उतार-चढ़ाव के दौर में घबराकर शेयर बेच देना समझदारी नहीं होगी। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए, क्योंकि ऐसे समय में जल्दबाजी नुकसान बढ़ा सकती है।
लगातार तीसरे दिन आईटी इंडेक्स में बड़ी गिरावट
निफ्टी आईटी इंडेक्स में आज 13 फरवरी को 4.75% की गिरावट देखने को मिली। इस पूरे हफ्ते निफ्टी आईटी इंडेक्स अब तक करीब 10.8% तक टूट चुका है। इससे पहले 12 फरवरी को इंडेक्स 5.5% की गिरावट देखने को मिली। यह लगातार तीसरा दिन है, जब आईटी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहा था। यह प्रदर्शन मार्च 2020 के बाद का सबसे कमजोर साप्ताहिक प्रदर्शन दिखाता है। साल 2026 में अब तक आईटी इंडेक्स करीब 17% गिर चुका है।
ब्लूचिप आईटी कंपनियों के शेयरों में भी तेज दबाव देखने को मिला। इंफोसिस के शेयर पिछले 5 दिनों में 13 प्रतिशत तक गिर चुके हैं। वहीं टीसीएस के शेयरों में करीब 11.5 फीसदी की गिरावट आई है। विप्रो और HCL टेक के शेयरों में इस दौरान 8 से 11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
‘एंथ्रोपिक शॉक’ से बढ़ी चिंता
भारतीय आईटी शेयरों में गिरावट की शुरुआत 4 फरवरी को हुई, जब एआई कंपनी Anthropic ने एक नया एडवांस AI टूल लॉन्च किया। इससे यह आशंका बढ़ी कि AI आधारित ऑटोमेशन से पारंपरिक आईटी कंपनियों के श्रम-आधारित बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा विदेशी प्रोजेक्ट्स से आता है। ऐसे में वहां AI की ओर से झुकाव से इनके मुनाफे और मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
घबराहट में बिकवाली से बचें: विश्लेषक
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट्स स्ट्रैटजिस्टस, वीके विजयकुमार ने बताया कि शेयर बाजार फिलहाल एक उथल-पुथल वाले दौर में हैं, जिससे निवेशकों में थोड़ी घबराहट हो सकती है, लेकिन यह अवसर भी पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार में AI शेयरों में बिकवाली की उम्मीद थी, लेकिन इसके समय और गिरावट की मात्रा का अनुमान नहीं था। नैस्डैक में 2.04% की गिरावट किसी क्रैश जैसी नहीं है। लेकिन अगर यह ट्रेंड लंबा चलता है तो अमेरिकी बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा, “भारतीय बाजार के लिए AI शेयरों में यह गिरावट अच्छी खबर है। पिछले साल का ग्लोबल बाजारों में तेजी मुख्य रूप से एआई थीम पर आधारित थी, जिसमें भारत पीछे रह गया था। ऐसे में अगर एआई ट्रेड का ‘अनवाइंडिंग’ जारी रहता है तो भारतीय बाजार के लिए यह मध्यम अवधि में सकारात्मक भी साबित हो सकता है।”
वीके विजयकुमार ने कहा, “अभी भारतीय बाजार में चिंता का कारण IT शेयरों में भारी बिकवाली है, जो भारतीय कंपनियों का दूसरा सबसे बड़ा मुनाफा देने वाला सेक्टर है। IT सेक्टर पर ‘एंथ्रोपिक शॉक’ का असली असर अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इस समय IT शेयरों में घबराहट में बिकवाली करना सही नहीं होगा। निवेशकों को फिलहाल धैर्य रखकर स्थिति के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए।”
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