
ऑटो कंपोनेंट और इक्विपमेंट बनाने वाली भारत फोर्ज के शेयरों में 12 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। यह अनुमान ब्रोकरेज फर्म UBS के टारगेट प्राइस से मिला है। UBS ने शेयर के लिए ‘सेल’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1230 प्रति शेयर कर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 12 प्रतिशत कम है। UBS ने कहा कि भारत फोर्ज के मैनेजमेंट का अनुमान है कि तीसरी तिमाही में भी कंपनी की परफॉरमेंस कमजोर रहेगी। लेकिन चौथी तिमाही से सुधार की संभावना है।
ब्रोकरेज ने आगे कहा कि भारत फोर्ज के दूसरी तिमाही के नतीजों में ऑटो सेगमेंट में कमजोरी देखी गई, जबकि रक्षा सेगमेंट मजबूत रहा। मजबूत लागत नियंत्रण के कारण इसके मार्जिन अच्छे रहे। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में एयरोस्पेस कारोबार 40% की मजबूत दर से बढ़ेगा, और अगले 3 से 4 सालों में भी इसी तरह की वृद्धि की उम्मीद है। भारत फोर्ज के कुल रेवेन्यू में डिफेंस कारोबार वर्तमान में 10% से 12% के बीच योगदान देता है।
भविष्य का आउटलुक अभी भी निराशाजनक
भारत फोर्ज ने चेतावनी दी है कि चुनौतीपूर्ण मांग परिस्थितियों को देखते हुए, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में उत्तरी अमेरिकी बाजार में निर्यात में और गिरावट देखी जा रही है। कंपनी का निकट भविष्य का आउटलुक अभी भी निराशाजनक बना हुआ है। UBS का कहना है कि भारत फोर्ज का मैनेजमेंट भारतीय कारोबार में ग्रोथ को प्राथमिकता दे रहा है और इनऑर्गेनिक अवसरों के माध्यम से विस्तार की योजना बना रहा है।
भारत फोर्ज के शेयरों में 17 नवंबर को गिरावट है। शेयर दिन में पिछले बंद भाव से 1 प्रतिशत तक नीचे आया है। बीएसई पर कीमत 1382.95 रुपये के लो तक चली गई। कंपनी का मार्केट कैप 66100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। 3 महीनों में शेयर 17 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 44.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
भारत फोर्ज का जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,946.86 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 309.94 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू 8,843.73 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,322.25 करोड़ रुपये रहा।
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