
HUL Q3 Result: चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड (HUL) के लिए धमाकेदार रही। हालांकि इसमें भी एक पेच है। दिसंबर 2025 तिमाही में इसका स्टैंडअलोन प्रॉफिट सालाना आधार पर 136% की रफ्तार से बढ़ा लेकिन एक्सपेश्नल गेन को निकाल दिया जाए तो इसके प्रॉफिट की ग्रोथ निगेटिव हो जाए। इसके चलते शेयरों को शॉक लगा और यह धड़ाम हो गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए और अभी भी काफी दबाव में हैं। फिलहाल बीएसई पर यह 4.26% की गिरावट के साथ ₹2357.60 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.55% टूटकर ₹2350.35 तक आ गया था।
HUL Q3 Result: खास बातें
दिसंबर 2025 तिमाही में एचयूएल का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 136% उछलकर ₹7,075 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इसमें से ₹4516 करोड़ का एक्सपेश्नल गेन है जो इसके आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने यानी डीमर्जर के चलते हुआ था। एक्सपेश्नल आइटम्स को हटा दिया जाए तो कंपनी का मुनाफा बढ़ने की बजाय घटा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹3000 करोड़ से अधिक शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही में को नए लेबर कोड के चलते ₹113 करोड़ का वन-टाइम एक्सपेशनल कॉस्ट भी वहन करना पड़ा।
कंसालिडेटेड लेवल पर कंपनी का सेल्स 5% तो व़ॉल्यूम 4% की रफ्तार से बढ़ा। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 4% बढ़कर ₹15,805 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹3,640 करोड़ तो ऑपरेटिंग मार्जिन 50 बेसिस प्वाइंट्स फिसलकर 23.3% पर आ गया।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
एचयूएल के शेयर पिछले साल 4 मार्च 2025 को ₹2061.24 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह छह ही महीने में 30.14% उछलकर 4 सितंबर 2025 को ₹2682.41 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।
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