
Vodafone Idea Shares: वोडाफोन आइडिया के शेयर गुरुवार 12 फरवरी को शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक टूट गए। यह गिरावट ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें उसने वोडाफोन आइडिया के शेयरों के 9 रुपये के स्तर तक गिरने की आशंका जताई है। जेपी मॉर्गन ने टेलीकॉम कंपनी के शेयरों की रेटिंग को घटाकर ‘अंडरवेट’ कर दिया है। साथ ही इसके लिए 9 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो बुधवार के बंद भाव से इसमें करीब 23 प्रतिशत गिरावट की आशंका दिखाता है।
हालांकि पिछले 6 महीनों में वोडाफोन आइडिया के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इस दौरान इसके शेयरों में करीब 77 प्रतिशत की उछाल आई है। लेकिन जेपी मॉर्गन का मानना है कि यह हालिया आउटपरफॉर्मेंस जरूरत से ज्यादा है।
बैंक फंडिंग और कैपेक्स पर निर्भर भविष्य
वोडाफोन आइडिया ने वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में एक फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) के जरिए करीब 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिससे इसके पूंजीगत खर्च का पहला चरण शुरू हुआ था। इससे कंपनी को ग्राहकों की घटती संख्या की रफ्तार को कुछ हद तक थामने में मदद मिली, लेकिन उनकी संख्या बढ़ाने के लिए यह पर्याप्त नहीं था।
तीन गुना EBITDA लक्ष्य पर सवाल
ब्रोकरेज ने कंपनी के अगले तीन सालों में कैश EBITDA को तीन गुना करने के लक्ष्य को भी आक्रामक बताया है। जेपी मॉर्गन का मानना है कि यह अनुमान बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर बनाया गया है, खासकर भारती एरटेल और रिलायंस जियो से मुकाबले में। हालांकि ब्रोकरेज इस पर सतर्क रुख अपनाए हुए है।
जेपी मॉर्गन के अनुसार, कारोबार को स्थिर करने से पहले कंपनी को कई चुनौतियों से गुजरना होगा, जिनमें बैंक फंडिंग हासिल करना और लगातार ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी करना शामिल है।
वैल्यूएशन में पहले से झलक रहे पॉजिटिव फैक्टर?
ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित EV/EBITDA के 15 गुना पर स्टॉक फिलहाल ज्यादातर पॉजिटिव संभावनाओं को पहले ही कीमत में शामिल कर चुका है। ऐसे में आगे की तेजी सीमित रह सकती है।
हालांकि हाल में कंपनी को एक पॉजिटिव संकेत तब मिला, जब प्रमोटर कुमार मंगलम बिड़ला ने 30 जनवरी से 3 फरवरी के बीच ओपन मार्केट से वोडाफोन आइडिया के करीब 5.96 करोड़ शेयर खरीदे। इससे निवेशकों के भरोसे को कुछ सहारा मिला।
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