
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार 10 फरवरी को लगातार तीसरे दिन जारी रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 350 अंकों तक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर 25,950 के पार पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की वापसी और अमेरिका के साथ ट्रेड डील की खबरों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत बनाए रखा है। सबसे अधिक तेजी मेटल, ऑटो और टेलीकॉम शेयरों में देखने को मिली। PSU बैंक को छोड़कर, बाकी सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
सुबह 10.30 बजे के करीब, सेंसेक्स 357.66 अंक या 0.43 परसेंट बढ़कर 84,423.41 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 106.70 अंक या 0.41परसेंट बढ़कर 25,974.00 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) के शेयर बाजार में फिर से लौटने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सोमवार के कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने 2,254.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे पहले शुक्रवार को भी उन्होंने 1,950.77 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। पिछले 9 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक करीब 2 अरब डॉलर भारतीय शेयर बाजार में डाल चुके हैं।
2. ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत
एशियाई बाजारों में अधिकतर तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225, हांगकांग का हैंग सेंग और साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, चीन का शंघाई SSE कंपोजिट इंडेक्स लगभग स्थिर रहा। सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए।
HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्स के हेड देवर्ष वकील ने कहा, “सोमवार को ग्लोबल शेयर बाजारों में तेजी आई। इसकी वजह जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की बड़ी चुनावी जीत से बना पॉजिटिव माहौल और टेक शेयरों में आई मजबूती रही। वहीं, डॉलर में गिरावट देखी गई, क्योंकि खबरें आईं कि चीन ने अपने वित्तीय संस्थानों को अमेरिकी बॉन्ड में निवेश कम करने की सलाह दी है।”
3. क्रूड के दाम में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार का माहौल बेहतर रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 0.28 प्रतिशत गिरकर 68.85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। तेल की कीमतों में कमी से महंगाई का दबाव कम होता है और भारत जैसे क्रूड के बड़े खरीदार देशों के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत है।
4. भारत-US ट्रेड डील से बना पॉजिटिव माहौल
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की डिटेल सामने आने के बाद शेयर बाजार का सेंटीमेंट मजबूत बना हुआ है। दोनों देशों ने शुक्रवार को एक अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य टैरिफ में कटौती और एनर्जी सेक्टर में पार्टनरशिप को मजबूत करना है। इसके साथ ही शेयर बाजार में पिछले करीब एक सालों से टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का अंत हो गया और अब निवेशक इस डील का नफा-नुकसान समझकर दांव लगाने में जुटे हैं।
अब आगे क्या?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि थोड़ी देर की अनिश्चितता के बाद निफ्टी अधिकतर समय 25,830 के स्तर के ऊपर टिका रहा। उन्होंने बताया, “निफ्टी 25,830 के आसपास या उससे ऊपर बना रहा, जिससे 26,020 का हमारा लक्ष्य बरकरार है। हालांकि, कमजोरी वाला मोमेंटम चिंता का विषय है। इसलिए 26,020 के पास पहुंचने पर हमें थोड़ा इंतजार करना होगा। इसके बाद ही हम ऊपर की तरफ लक्ष्य को 26,600–26,800 तक बढ़ाने पर विचार करेंगे।”
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