
Trident Q3 Results: टेक्सटाइल कंपनी Trident Ltd ने तीसरी तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कम रेवेन्यू के चलते कंपनी के मुनाफे और मार्जिन पर साफ दबाव देखने को मिला।
तिमाही के दौरान Trident का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 44.5% घटकर 44.2 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 79.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू भी 5.6% घटकर 1,574 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 1,667 करोड़ रुपये था।
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी कमजोर
ऑपरेटिंग स्तर पर भी Trident का प्रदर्शन कमजोर रहा। EBITDA सालाना आधार पर 36.5% गिरकर 136.2 करोड़ रुपये रह गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में 214.5 करोड़ रुपये था।
EBITDA मार्जिन भी तेज गिरावट के साथ 8.7% पर आ गया। एक साल पहले यह 12.9% था। इसका कारण ऑपरेटिंग लीवरेज में कमी बताया गया है।
नई सब्सिडियरी बनाने का ऐलान
Trident ने बताया कि उसने एक नई घरेलू wholly owned subsidiary बनाई है। इसका मकसद ब्रांड की मौजूदगी मजबूत करना, ब्रांड बिल्डिंग और विदेशी बाजारों में Trident के प्रोडक्ट्स की बिक्री और मार्केटिंग बढ़ाना है। इसमें खास फोकस अमेरिकी बाजार पर रहेगा।
Trident ने अपनी एक अन्य सब्सिडियरी MYTRIDENT.COM Limited में पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह यूनिट कोई मैटेरियल सब्सिडियरी नहीं थी।
Trident के शेयरों का हाल
नतीजों से पहले Trident Ltd का शेयर NSE पर 2.82% की तेजी के साथ 28.47 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले 1 महीने में स्टॉक 8.71% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में 4.11% नीचे आया है। कंपनी का मार्केट कैप 14.30 हजार करोड़ रुपये है।
Trident का बिजनेस क्या है
Trident एक डाइवर्सिफाइड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसका कारोबार टेक्सटाइल्स, पेपर और केमिकल्स तक फैला हुआ है। होम टेक्सटाइल्स और यार्न एक्सपोर्ट्स में कंपनी की मजबूत मौजूदगी है। कंपनी के अमेरिका काफी अहम बाजार है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।