Groww की धमाकेदार जनवरी, जोड़े 3.5 लाख इंवेस्टर्स, Zerodha का ऐसा रहा हाल – six of 10 brokers add active investors in january groww leads with 3 5 lakh highest in over a year



स्टॉक मार्केट में रिकवरी शुरू हुई और गोल्ड-सिल्वर में ताबड़तोड़ रैली आई तो इसका पॉजिटिव असर ब्रोकर्स के कारोबार पर भी पिछले महीने जनवरी में दिखा। एनएसई पर देश के 10 सबसे बड़े ब्रोकर्स में से छह ने पिछले महीने एक्टिव इंवेस्टर्स जोड़े। इसमें ग्रो (Groww) की बात करें तो इसने 3.5 लाख इंवेस्टर्स जोड़े जोकि 15 महीने से अधिक समय में इसके लिए सबसे अधिक है। खास बात ये है कि एक्टिव इंवेस्टर्स के हिसाब से देश के सबसे बड़े ब्रोकर ग्रो का कस्टमर बेस जनवरी 2026 के आखिरी में करीब 1.25 करोड़ पर पहुंच गया जोकि दूसरे नंबर के सबसे बड़े ब्रोकर के एक्टिव कस्टमर बेस से करीब दोगुना रहा। एक ब्रोकर के मुताबिक कुछ निवेशक तो गोल्ड ईटीएफ में तेजी के चलते जुड़े हैं। सोने और चांदी की कीमतों में तेजी ने इनके ईटीएफ का क्रेज बढ़ाया तो एक्टिव इंवेस्टर्स की संख्या बढ़ी.

टॉप ब्रोकर्स से अधिक जुड़े इंवेस्टर्स

पिछले महीने ग्रो के 3.5 लाख एक्टिव इंवेस्टर्स बढ़े और टॉप 10 में से छह ने एक्टिव इंवेस्टर्स जोड़े हैं लेकिन एनएसई पर बात करें तो सिर्फ 3 लाख ही एक्टिव इंवेस्टर्स बढ़े। इसका मतलब ये हुआ कि टॉप ब्रोकर्स पर इंवेस्टर्स का झुकाव अधिक रहा। एनएसई के मुताबिक एक्टिव इंवेस्टर्स की कैटेगरी में उन निवेशकों को रखा जाता है जिन्होंने 12 महीने में से कम से कम एक बार ट्रेडिंग जरूर की हो।

Zerodha समेत बाकी ब्रोकरेज फर्मों के लिए कैसी रही जनवरी?

रेवेन्यू के हिसाब से देश के सबसे बड़े ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के एक्टिव इंवेस्टर्स जनवरी में 10 हजार बढ़े। 15 महीने की गिरावट के बाद इसमें बढ़ोतरी आई है। वहीं एंजेल वन (Angel One) के एक्टिव इंवेस्टर्स की संख्या पिछले महीने जनवरी में 13 हजार घटी है। पिछले पूरे साल 2025 में जीरोधा के एक्टिव इंवेस्टर्स की संख्या करीब 11 लाख कम हुई तो एंजेल वन (Angel One) की संख्या करीब 10 लाख कम हुई।

कई महीनों के बाद फुल-सर्विस ब्रोकर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) ने डिस्काउंट ब्रोकर अपस्टॉक्स (Upstox) को पीछे छोड़ दिया। जनवरी में इसने 20,000 निवेशक जोड़े और इसके कुल एक्टिव इंवेस्टर्स की संख्या 20.5 लाख पर पहुंच गई। देश के टॉप ब्रोकिंग ने करीब दो साल वर्ष 2024 में कुल करीब 1 करोड़ नए एक्टिव इंवेस्टर्स जोड़े थे जबकि साल 2025 में जो गिरावट आई थी, वह इसके कुल यूजर बेस का एक सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। बैंक से जुड़ी ट्रेडिशनल फुल-सर्विज ब्रोकर्स जैसे कि एचडीएफसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, कोटक सिक्योरिटीज और एसबीआईकैप सिक्योरिटीज के एक्टिव इंवेस्टर्स लगातार छह महीने तक बढ़े हैं।

क्या है मार्केट का हाल?

मार्जिन की सख्त जरूरतों, वीकली एक्सपायरी में कटौती, पूंजी की अधिक जरूरतों और टैक्स में बढ़ोतरी जैसे नियामकीय मानकों ने खुदरा निवेशकों के लिए डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का आकर्षण कम कर दिया। वहीं F&O पर बजट में एसटीटी बढ़ाने के ऐलान से भी इसे झटका लगने की आशंका है।



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