
Stocks to Watch: शुक्रवार 6 फरवरी को शेयर बाजार में कई बड़े स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रहने वाली है। तिमाही नतीजों, रेटिंग एक्शन, सरकारी जांच और कैपेसिटी एक्सपेंशन जैसे ट्रिगर्स के चलते इन शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। जानिए शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कौन से 16 स्टॉक्स तगड़ी कमाई का मौका दे सकते हैं।
भारती एयरटेल लिमिटेड ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। इसमें ARPU में बढ़ोतरी, डेटा उपयोग में मजबूती और भारत, अफ्रीका व डिजिटल कारोबार में निरंतर ग्रोथ का योगदान रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू तिमाही आधार पर 3.5% बढ़कर ₹53,982 करोड़ रहा। EBITDA 4% बढ़कर ₹30,782 करोड़ हो गया। इससे मार्जिन 56.7% से बढ़कर 57% पहुंच गया। हालांकि नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 2.4% घटकर ₹6,630.5 करोड़ रहा।
सिप्ला लिमिटेड ने बताया कि महाराष्ट्र के गुड्स एंड सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट ने राज्य में कंपनी की कुछ यूनिट्स और ऑफिसों पर निरीक्षण और सर्च की कार्रवाई शुरू की है। यह जांच महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक्ट, 2017 के तहत 5 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे शुरू हुई, जो टैक्स भुगतान, इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावे और रिफंड से जुड़े मामलों से संबंधित है।
फिच रेटिंग्स ने एक्सिस बैंक के लॉन्ग टर्म इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग आउटलुक को स्टेबल से पॉजिटिव कर दिया है और रेटिंग को ‘BB+’ पर बरकरार रखा है। यह भारतीय बैंकों के लिए बेहतर होते ऑपरेटिंग माहौल को दिखाता है। इसके साथ ही फिच ने एसेट क्वालिटी, कैपिटलाइजेशन और प्रॉफिटेबिलिटी में लगातार सुधार का हवाला देते हुए बैंक की वायबिलिटी रेटिंग को ‘bb’ से बढ़ाकर ‘bb+’ कर दिया।
जेके पेपर लिमिटेड ने 5 फरवरी को बताया कि उसके बोर्ड ने ₹500 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है, जिसके तहत एक हाइब्रिड रिन्यूएबल पावर प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट कंपनी की बिजली लागत घटाने के साथ ग्रीन और सस्टेनेबल पावर आउटपुट बढ़ाने पर केंद्रित है। बोर्ड के मुताबिक यह कदम फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करने और लॉन्ग टर्म कॉस्ट एफिशिएंसी हासिल करने में मदद करेगा।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ₹3,486 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया। यह पिछले साल की समान तिमाही में ₹5,485 करोड़ के नेट प्रॉफिट के मुकाबले है। इस नुकसान की मुख्य वजह कई एकमुश्त खर्चे रहे। हालांकि, मैनेजमेंट अगली तिमाही में ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है।
नायका का सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹66.3 करोड़ हो गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में ₹26 करोड़ था। रेवेन्यू 26.7% बढ़कर ₹2,873.3 करोड़ रहा। EBITDA 63.3% बढ़कर ₹230 करोड़ हो गया और मार्जिन 6.2% से बढ़कर 8% पर पहुंच गया।
सरकारी जीवन बीमा कंपनी LIC ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹11,056 करोड़ था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में नेट प्रीमियम इनकम ₹1.26 लाख करोड़ रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹1.07 लाख करोड़ थी।
हिटाती एनर्जी ने दिसंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 90.3% बढ़कर ₹261.4 करोड़ रहा। रेवेन्यू 28.5% बढ़कर ₹2,082.2 करोड़ पहुंच गया। EBITDA बढ़कर ₹345.3 करोड़ हो गया और मार्जिन 10.3% से बढ़कर 16.6% रहा।
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी NCC लिमिटेड का Q3 नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 36.6% घटकर ₹122.5 करोड़ रहा। रेवेन्यू 9% घटकर ₹4,868.3 करोड़ रहा। EBITDA ₹436.3 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 1% कम है। हालांकि EBITDA मार्जिन 8.3% से बढ़कर 9% हो गया।
अल्ट्राटेक सीमेंट ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ यूनिट में 2.7 मिलियन टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता चालू कर दी है, जिससे इस प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 4 MTPA हो गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में कंपनी की कुल सीमेंट क्षमता 13.1 MTPA तक पहुंच गई है।
यूनिकेम लैबोरेटरीज ने तीसरी तिमाही में ₹264.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹58 करोड़ था। यानी करीब 5 गुना की बढ़ोतरी। हालांकि रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.2% घटकर ₹521.2 करोड़ रहा। EBITDA 47.4% गिरकर ₹45 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 16% से घटकर 8.6% रह गया।
सरकारी डिफेंस कंपनी मझगांव डॉक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 9% बढ़कर ₹879.8 करोड़ रहा। रेवेन्यू 14.6% बढ़कर ₹3,601 करोड़ रहा। EBITDA 8.5% बढ़कर ₹887 करोड़ हुआ, जबकि मार्जिन 26% से घटकर 24.6% रहा।
सरकारी कंपनी रेल विकास निगम के दिसंबर तिमाही नतीजे सालाना आधार पर कमजोर रहे। रेवेन्यू 2.6% बढ़कर ₹4,684 करोड़ रहा, लेकिन EBITDA 8% घटकर ₹220.8 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन भी 50 बेसिस पॉइंट घटकर 4.7% रह गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 5.2% था।
एवरेडी इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 42.3% घटकर ₹7.5 करोड़ रह गया, जबकि रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹367.2 करोड़ पहुंचा। बैटरी बिजनेस ने मजबूती दिखाई और इसकी आय 62% उछलकर ₹252.1 करोड़ रही। कंपनी के मुताबिक शहरी, ग्रामीण और मोबिलिटी से जुड़े सेगमेंट में मांग स्थिर बनी रही।
कंपनी ने Q3 में ₹152.2 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹51.3 करोड़ था। रेवेन्यू 7.9% बढ़कर ₹2,373.6 करोड़ रहा। EBITDA 2.4% बढ़कर ₹308.6 करोड़ हुआ, लेकिन मार्जिन 13.7% से घटकर 13% पर आ गया।
वीआरएल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड ने तीसरी तिमाही में ₹64.75 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 9% की बढ़त है। हालांकि Q3 FY26 में कंपनी की कुल आय ₹831 करोड़ पर स्थिर रही, क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट री-स्ट्रक्चरिंग और कम मार्जिन वाले कारोबार से स्वैच्छिक बाहर निकलने के चलते वॉल्यूम पर असर पड़ा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।