
Sensex-Nifty Fall: घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 में एक बार फिर बिकवाली का दबाव दिखने लगा। कमजोर वैश्विक संकेतों और मेटल शेयरों में बिकवाली के दबाव में इसकी तीन दिनों की तेजी थम गई। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो स्मॉलकैप में लॉर्जकैप और मिडकैप की तुलना में बिकवाली का दबाव अधिक है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स 508.52 प्वाइंट्स टूटकर 83,309.17 के निचले स्तर और निफ्टी भी 164.4 प्वाइंट्स फिसलकर 25,611.60 तक आ गया। सेंसेक्स पर अधिकतर स्टॉक लाल हैं और निफ्टी पर भी महज 17 स्टॉक्स ही ग्रीन हैं।
सेंसेक्स पर सबसे अधिक तेजी ट्रेंट, टाटा स्टील और एसबीआई में है तो इंडिगो, एटर्नल और एशियन पेंट में सबसे अधिक दबाव है। फिलहाल सेंसेक्स 0.42% यानी 348.34 अंकों की गिरावट के साथ 83,469.35 और निफ्टी 0.44% यानी 113.10 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 25662.90 पर है।
इन सात वजहों से मार्केट में हाहाकार
मेटल शेयरों में बिकवाली का दबाव: वैश्विक स्तर पर मेटल्स की कीमतों में गिरावट ने मेटल स्टॉक्स पर दबाव बनाया और इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 2% टूट गया। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी दिनों में यह करीब 6% ऊपर चढ़ा था।
मुनाफावसूली: यह भी एक अहम वजह है मार्केट के गिरने का। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने के चलते चौतरफा हरियाली आई और धड़ाधड़ शेयर ऊपर चढ़ने लगे तो ऊपरी लेवल पर निवेशक मुनाफा निकालने लगे जिससे मार्केट पर दबाव बना। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का मानना है कि नियर टर्म में निफ्टी कंसालिडेशन फेज में रह सकता है।
कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से अधिक टूट गया तो जापान के निक्केई 225, हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सैंग और शंघाई के एसएसई कंपोजिट भी लाल हैं जिससे भारतीय मार्केट पर भी दबाव पड़ा। अमेरिकी मार्केट में भी हाल अच्छा नहीं है और बुधवार को अधिकतर इंडेक्स लाल बंद हुए। नास्डाक कंपोजिट 1.54% और एसएंडपी 500 भी 0.51% फिसलकर बंद हुए। हालांकि डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.53% ऊपर चढ़ा।
विदेशी निवेशकों की सुस्त खरीदारी: बुधवार को विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की तुलना में खरीदारी अधिक तो की लेकिन यह बहुत हल्की रही। उनकी नेट खरीदारी ₹29.79 करोड़ की रही जबकि मंगलवार को उन्होंने ₹5,236.28 करोड़ की नेट खरीदारी की थी।
RBI की मौद्रिक नीतियों के ऐलान से पहले की सावधानी: आरबीआई के छह सदस्यों के मौद्रिक नीतियों के कमेटी की बैठक बुधवार को शुरू हो गई। आरबीआई गवर्नर की अगुवाई में इस कमेटी ने क्या फैसला किया, इसे लेकर शुक्रवार की सुबह फैसला होना है तो मार्केट सतर्कता बरत रहा है। एसबीआई स्टडी के हिसाब से केंद्रीय बैंक आरबीआई ब्याज दरों पर यथा-स्थिति बनाए रख सकता है यानी कि रेपो रेट में ना तो कटौती होगी और ना ही बढ़ोतरी।
ग्रीन इंडिया VIX: नियर टर्म वोलैटिलिटी को मापने वाला इंडिया विक्स उछलकर 12.28 पर पहुंच गया। इसमें उछाल का मतलब मार्केट में घबराहट बढ़ी है और इसके चलते आमतौर पर मार्केट में उठा-पटक तेज हो जाती है।
सेंसेक्स की एक्सपायरी: आज सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो इसके चलते भी मार्केट में हलचल तेज है। अनवाइंडिंग और पोजिशंस के रोलओवर के चलते आमतौर पर इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज में तेज उठा-पटक रहती है।
टेक्निकल आउटलुक
फंड्सइंडिया इक्विटी रिसर्च डेस्क की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया तो है लेकिन हायर लेवल पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है। इंडिया VIX अभी 12 के ऊपर बनाया हुआ है जिससे नियर टर्म में वोलैटिलिटी के बढ़े होने के संकेत मिल रहे हैं। शॉर्ट टर्म के रुझान की बात करें को यह बेयरेश बना हुआ है और बुलिश रुझान तभी बन सकता है, जब यह 25,300 के ऊपर जाए और टिके। इसका 9-दिनों ता एसएमए फिलहाल 25,185 पर है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि निफ्टी को अपसाइड 25,800 और सेंसेक्स को 83900 पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है जोकि इनके लिए 50-दिनों का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) है। अगर ये इस रेजिस्टेंस को पार कर गए तो निफ्टी 25,900–26,000 और सेंसेक्स 84200-84500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं डाउनसाइड बात करें तो श्रीकांत के मुताबिक अगर निफ्टी 25,600 और सेंसेक्स 83100 के नीचे आया तो निफ्टी 25,500–25,350 और सेंसेक्स 82800-82500 की रेंज में आ सकता है। श्रीकांत के मुताबिक फिलहाल मार्केट को दिशा नहीं दिखा रहा है तो ऐसे में लेवल्स पर फोकस करना ही सही स्ट्रैटेजी है।
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