
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) पर बड़ा बयान दिया है। 4 फरवरी को उन्होंने कहा कि एफएंडओ ट्रेडिंग को लेकर सेबी तुंरत कोई कदम उठाने नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेगुलेटर इक्विटी डेरिवेटिव्स को रेगुलेट करने के लिए सोचसमझकर कोई कदम उठाना चाहता है। उनके इस बयान का पॉजिटिव असर कैपिटल मार्केट्स स्टॉक्स पर देखने को मिला।
निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को क्या ऐलान किया था?
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश यूनियन बजट में इक्विटी डेरिवेटिव्स पर एसटीटी बढ़ाने का ऐलान किया था। एसटीटी का मतलब सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) है। बाद में वित्तमंत्री ने इस कदम पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि इक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रांजेक्शंस पर एसटीटी बढ़ाने का मकसद सरकार का रेवेन्यू बढ़ाना नहीं है। यह कदम स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
सेबी चेयरमै ने वीकली एक्सपायरी के बारे में क्या कहा?
पांडेय मुंबई में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। इस कार्यक्रम से इतर उन्होंने कहा, “F&O पर कोई नया अंकुश लगने नहीं जा रहा है और वीकली एक्सपायरी में भी कोई बदलाव नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि यूनियन बजट में कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट के विस्तार के लिए जिन प्रस्तावों का ऐलान हुआ है, उन्हें लागू करने के बारे में रेगुलेटर मार्केट पार्टिसिपेंट्स से बातचीत करेगा।
सेबी चेयरमैन के बयान का शेयरों पर क्या असर पड़ा?
F&O पर सेबी चेयरमैन के बयान के बाद निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में 1.6 फीसदी तेजी आई। MCX, Angel One और HDFC Asset Management company के शेयरों में तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स का शेयर 4.36 फीसदी उछला, एंजल वन का शेयर 3.52 फीसदी चढ़ा, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का शेययर 2.58 फीसदी उछला। BSE का शेयर दिन के निचले स्तर से 3 फीसदी उछला।
यूनियन बजट में एसटीटी कितना बढ़ाने का ऐलान हुआ?
सरकार ने 1 फरवरी को यूनियन बजट को फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर एसटीटी 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का ऐलान किया। ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है। दूसरे एसेट्स क्लास के एसटीटी रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
F&O को लेकर सरकार की क्या है बड़ी चिंता?
सरकार ने कहा है कि इंडिया में ऑप्शंस और फ्यूचर्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम देश की जीडीपी के 500 गुना से ज्यादा हो गया है। स्पेकुलेटिव एक्टिविटी पर अंकुश लगाने के लिए एसटीटी रेट्स में बदलाव का लिया गया फैसला सही है। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) वीए नागेश्वरन ने भी कहा है कि एसटीटी बढ़ाने का मकसद सरकार का रेवेन्यू बढ़ाना नहीं है बल्कि परिवारों की सेविंग्स की सुरक्षा है।