
Stock Market : भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की पुष्टि होने के बाद, मंगलवार, 3 फरवरी को भारतीय शेयर बाज़ारों में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया जाएगा, जो पहले के 50% से काफी कम है। इसके बदले में, भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ और नॉन-टैरिफ दोनों तरह की रुकावटों को काफी कम करने पर सहमति जताई है। इस खबर के दम पर बेंचमार्क BSE सेंसेक्स 2072.67 अंक या 2.54% बढ़कर 83,739.13 पर बंद हुआ। निफ्टी भी सेशन के दौरान 639.15 अंक या 2.55% चढ़कर 25,727.55 पर बंद हुआ।
इससे पहले दिन में, BSE सेंसेक्स इंट्राडे में 5.1% उछलकर 85,871.73 के पीक पर पहुंच गया। इस बीच, निफ्टी भी 1,252 अंक या 5% बढ़कर 26,341.2 पर पहुंच गया। आज सभी सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली है।
इस तेज़ उछाल से निवेशकों की वेल्थ में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 455 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 467.35 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसका मतलब है कि एक ही दिन में निवेशकों को 12.5 लाख करोड़ से ज़्यादा का फायदा हुआ।
लंबे समय से प्रतीक्षित US-इंडिया ट्रेड डील की घोषणा और अमेरिका का भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों के लिए गेम चेंजर है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि US-इंडिया ट्रेड डील, EU-इंडिया ट्रेड डील और ग्रोथ-ओरिएंटेड बजट का कॉम्बिनेशन बाजार के सेंटिमेंट्स और अर्थव्यवस्था में जोरदार तेजी को बढ़ावा देगा। आगे शेयर बाजार में जोरदार बूम देखने को मिल सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि कल क्लोजिंग के समय 25000 से ऊपर की सीधी बढ़त ने 25800 के टारगेट को एक्टिव कर दिया है और निफ्टी के 26200 तक पहुंचने की भी उम्मीद है। हालांकि, अगर निफ्टी 25800 से ऊपर नहीं टिक पाता है, तो यह 25430-340 के लेवल पर सेटल हो सकता है।
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के जिगर एस. पटेल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले कुछ हफ़्तों तक निफ्टी 25,500 -26,300 के बीच कंसोलिडेशन फेज में रहेगा। 26,400 से ऊपर की मजबूत क्लोजिंग एक बड़ा ब्रेकआउट ट्रिगर होगा, जिससे मीडियम टर्म में निफ्टी के लिए 28,500 की ओर रास्ता खुलेगा। नीचे की तरफ, 24,500 इस साल के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 26,400 एक बड़ा रेजिस्टेंस ज़ोन है। कुल मिलाकर स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन नियर-टर्म प्राइस एक्शन अगली तेजी से पहले रेंज-बाउंड मूवमेंट का संकेत दे रहा है।
डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।