
Adani Group Stocks: भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी डील फाइनल होने पर अदाणी ग्रुप के शेयरों की चमक बेतहाशा बढ़ गई और 12% तक उछल गए। अमेरिका ने भारतीय चीजों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18% करने पर हामी भरी है। इसके असर से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में चौतरफा हरियाली आई। खरीदारी के इस शानदार माहौल में तो अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) रॉकेट की स्पीड से ऊपर चढ़ा और आज निफ्टी 50 (Nifty 50) का टॉप गेनर बन गया। इसमें 12% से अधिक तेजी आई। वहीं सेंसेक्स और निफ्टी की बात करें तो सेंसेक्स उछलकर 85800 के पार तो निफ्टी में 1251 प्वाइंट्स की रिकॉर्ड तेजी आई।
Adani Group Stocks: क्या है स्थिति?
अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 11.93% उछलकर ₹2,233.40 पर पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन आज यह ऊपर चढ़ा है और इन दो दिनों में यह 14% से अधिक उछल चुका है। अदाणी पोर्ट्स की बात करें तो एनएसई पर यह 8.33% उछलकर ₹1,520 पर पहुंच गया। दो दिनों में यह 12% से अधिक मजबूत हुआ है। यह भी निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शुमार रहा। वैसे अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स, दोनों आज दिसंबर तिमाही के कारोबारी नतीजे भी पेश करने वाले हैं। अदाणी ग्रुप की बाकी कंपनियों की बात करें तो अदाणी पावर और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में भी खरीदारी का अच्छा रुझान दिखा।
क्या कहना है कि ब्रोकरेज फर्मों का?
भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि इससे अदाणी ग्रुप की कंपनियों को फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज फर्म एंटीक के मुताबिक इस सौदे से अदाणी पावर और अदाणी पोर्ट्स को फायदा मिल सकता है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट किया है। इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने की बात कही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले का ऐलान किया।
यह ऐसे समय में हुआ है, जब गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी को अमेरिकी बाजार नियामक SEC (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) से लीगल नोटिस को स्वीकार किया है। एसआईसी ने यह नोटिस एक फर्जीवाड़े का मामले को लेकर भेजा है जिसमें निवेशकों को रिश्वतखोरी से जुड़ी योजना को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्थित फेडरल कोर्ट में एसईसी और अदाणी के वकीलों ने कहा कि वह एसईसी के कानूनी कागजात वकील लेने पर राजी हो गए हैं तो अब इसे लेकर किसी न्यायिक फैसले की जरूरत नहीं है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।