ट्रेड डील के बाद मार्केट में बंपर उछाल, पर ब्रोकिंग ऐप्स ने बिगाड़ा ट्रेडर्स का खेल; ‘ग्लिच’ की वजह से लाखों का नुकसान! – zerodha down users flag glitches on app as markets rally after india us trade deal groww angel one also



Zerodha Glitch: भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद आज शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। हालांकि, तकनीकी खामियों ने निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया। जैसे ही बाजार खुला, देश के सबसे बड़े ब्रोकर Zerodha के हजारों यूजर्स ने ऐप में ग्लिच की शिकायत की। निवेशकों का आरोप है कि बाजार में आए भारी उछाल के दौरान वे न तो अपनी पोजीशन देख पा रहे थे और न ही समय पर ट्रेड से बाहर निकल पाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई ट्रेडर्स ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि ऐप के काम न करने की वजह से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

सेंसेक्स-निफ्टी की रिकॉर्ड दौड़

बाजार के आंकड़ों की बात करें तो सुबह 9:20 बजे के करीब सेंसेक्स 2,510 अंक (3.07%) उछलकर 84,177 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी ने भी 762 अंकों की छलांग लगाई। इस सुनहरे मौके का फायदा उठाने के बजाय, जेरोधा यूजर्स ‘504 Gateway Timeout’ जैसे एरर मैसेज से जूझते रहे। कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर किए जिसमें उनके होल्डिंग्स और पोजीशन शून्य दिखाई दे रहे थे। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपनी नाराजगी जताते हुए लिखा कि हर बड़े इवेंट के दिन जेरोधा का सिस्टम फेल हो जाता है, जिससे न तो एंट्री ली जा सकती है और न ही एग्जिट।

सिर्फ जेरोधा ही नहीं, Groww और Angel One में भी आई दिक्कतें

तकनीकी खराबी की मार केवल जेरोधा तक सीमित नहीं रही। कई निवेशकों ने दावा किया कि Groww और Angel One जैसे अन्य प्रमुख एप्स भी सुबह 9:15 से 9:20 के बीच फ्रीज हो गए थे। एक यूजर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े गैप-अप ओपनिंग वाले दिन ऐप्स का रुक जाना छोटे निवेशकों की मजबूरी का फायदा उठाने जैसा है। ट्रेडर्स का कहना है कि जब बाजार में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है, तब इन प्लेटफॉर्म्स का साथ छोड़ देना उनकी मेहनत की कमाई को लूटने के समान है।

निवेशकों का भारी नुकसान, जवाबदेही पर उठ रहे सवाल

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने दावा किया कि तकनीकी खराबी के कारण उसे एक ही दिन में ₹50,000 का नुकसान हुआ। निवेशकों का मुख्य सवाल यह है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जेरोधा और अन्य ब्रोकरेज हाउस की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफीनामा जारी नहीं किया गया है। ट्रेडर्स का कहना है कि वे इन प्लेटफॉर्म्स को भारी शुल्क देते हैं, लेकिन जब वास्तव में उनकी तकनीक की जरूरत होती है, तो वे फेल हो जाते हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है।



Source link

Scroll to Top