
Meesho Share Price: ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी मीशो के शेयरों में सोमवार 2 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर 5 प्रतिशत टूटकर अपनी लोअर सर्किट पर आ गए। यह गिरावट मीशों के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद देखी जा रही है। मीशो ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसका शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 13 गुना बढ़ा है। साथ ही कंपनी के खर्चों में भी तेज उछाल आया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
तिमाही नतीजों ने क्यों बढ़ाई चिंता?
मीशो ने बीते 30 जनवरी को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अपने पहले नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध घाटा बढ़कर 490.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 37.4 करोड़ रुपये था। इसकी पिछली तिमाही में भी कंपनी को 411.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
हालांकि खर्चों के मोर्च पर भी तेज उछाल दिखी। दिसंबर तिमाही में मीशो का कुल खर्च 44 प्रतिशत बढ़कर 4,071.3 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,822.8 करोड़ रुपये रहा था। पिछली तिमाही में यह खर्च 3,540.4 करोड़ रुपये रहा था। खासतौर पर विज्ञापन और बिक्री प्रोत्साहन पर खर्च, जो नेट मर्चेंडाइज वैल्यू के अनुपात में लगभग दोगुना होकर 2.4 प्रतिशत तक पहुंच गया, उसने मार्जिन पर दबाव डाला।
कंपनी को आगे सुधार की उम्मीद
मीशो के मैनेजमेंट का कहना है कि मौजूदा तिमाही में मार्जिन पर दबाव अस्थायी है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो तिमाहियों में एडजस्टेड कोर अर्निंग्स मार्जिन में सुधार देखने को मिलेगा। इसके पीछे लॉजिस्टिक्स लागत की रिकवरी, यूजर ग्रोथ पर ऑपरेटिंग लेवरेज और टेक्नोलॉजी में किए गए निवेश से मिलने वाले फायदे को अहम कारण बताया गया है।
ब्रोकरेज फर्मों की क्या है राय?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने मीशो पर अपना टारगेट प्राइस 169 रुपये से बढ़ाकर 174 रुपये कर दिया है। हालांकि उसने यह भी कहा कि दिसंबर तिमाही में कंट्रीब्यूशन मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहा। ब्रोकरेज का कहना है लॉजिस्टिक्स लागत में बढ़ोतरी इसका मुख्य कारण रही, जिसका बोझ कंपनी ने ग्राहकों पर पास नहीं किया।
ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने मीशो के शेयरों पर अपनी ‘रिड्यूस’ की रेटिंग बरकरार रखी है और 160 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि यह तिमाही कंपनी के लिए बाधित रही, जहां ग्रोथ बनी रही लेकिन मार्जिन पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया।
जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक, कंपनी नेट मर्चेंडाइज वैल्यू में 26 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई, जिसे एक्टिव ट्रांजैक्टिंग यूजर्स में 34 प्रतिशत बढ़ोतरी का सहारा मिला। हालांकि ऑर्डरिंग फ्रीक्वेंसी में मामूली बढ़त और एवरेज ऑर्डर वैल्यू में गिरावट देखी गई। ब्रोकरेज का मानना है कि मुनाफे को लेकर स्पष्टता अभी भी धुंधली बनी हुई है। इसी वजह से उसने शेयर पर सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी है।
शेयर का हाल
साल 2026 की शुरुआत से अब तक मीशो का शेयर करीब 13 प्रतिशत टूट चुका है। वहीं 10 दिसंबर 2025 को लिस्टिंग के बाद से अब तक इसमें लगभग 3.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
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