
ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA ने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए आउटलुक पॉजिटिव बताया है। साथ ही कहा है कि बजट में किए गए पॉलिसी उपायों से लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने DLF और Embassy REIT को रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी टॉप चॉइस बताया है। ब्रोकरेज ने कहा कि सरकार ने कई पॉजिटिव कदम उठाए हैं। इनमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए टैक्स और कंप्लायंस पर ज्यादा क्लैरिटी, डेटा सेंटर बनाने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे शामिल है।
इन उपायों को खास तौर पर उन प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लिए जरूरी माना जा रहा है, जो एन्युइटी एसेट्स बनाने पर फोकस कर रहे हैं और जो डेटा सेंटर डेवलपमेंट के लिए जमीन के टुकड़ों को मॉनेटाइज करना चाहते हैं। हालांकि MAT (Minimum Alternate Tax) क्रेडिट पर लिमिटेशन से मिड-टर्म में कमाई पर असर पड़ सकता है।
CLSA का मानना है कि GCCs और डेटा सेंटर्स के विस्तार से होने वाले लॉन्ग-टर्म फायदे इस असर को काफी हद तक कम कर देंगे, जिससे इस सेगमेंट के लिए कुल मिलाकर पॉलिसी की दिशा पॉजिटिव होगी। MAT का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनियां, विशेष रूप से “जीरो टैक्स” कंपनियां, जो छूट और प्रोत्साहनों के कारण बहुत कम या न के बराबर टैक्स का भुगतान करती हैं, अपने मुनाफे पर मिनिमम टैक्स का पेमेंट करें। यह प्रावधान घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों पर लागू होता है।
DLF के शेयर की चाल
DLF के शेयरों में 2 फरवरी को तेजी है। BSE पर शेयर 1 प्रतिशत तक चढ़कर 621 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर 3 महीनों में 18 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.08 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। DLF का अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 1203.36 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1058.73 करोड़ रुपये था। कुल इनकम बढ़कर 2479.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो दिसंबर 2024 तिमाही में 1737.47 करोड़ रुपये थी।
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