
Defence Stocks: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने बजट 2026-27 के बाद जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि डिफेंस सेक्टर के लिए घोषित आवंटन अनुमान से बेहतर रहा है और इसके चलते कुछ चुनिंदा डिफेंस कंपनियां आने वाले समय में लाभ की स्थिति में रह सकती हैं। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, बजट में डिफेंस खर्च का फोकस खास तौर पर “अन्य उपकरणों” (Other Equipment) और पूंजीगत खरीद पर रहा है, जिसका सीधा फायदा कई घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को मिल सकता है।
गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में सोलर इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत डायनामिक्स, डेटा पैटर्न्स और पीटीसी इंडस्ट्रीज को संभावित लाभार्थियों की सूची में शामिल किया है।
डिफेंस खर्च अनुमान से बेहतर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में बजट 2026 पेश करते हुए डिफेंस सेक्टर के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का कुल आवंटन घोषित किया। यह वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में करीब 15.2 प्रतिशत अधिक है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, संशोधित अनुमान के आधार पर भी वित्त वर्ष 2027 का डिफेंस बजट सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। ब्रोकरेज ने पहले इस आवंटन का अनुमान 7.75 लाख करोड़ रुपये लगाया था।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए डिफेंस खर्च के संशोधित अनुमान बजट अनुमान की तुलना में 8 प्रतिशत ज्यादा रहे हैं, जो यह दिखाता है कि सरकार वास्तविक खर्च को लगातार बढ़ा रही है।
‘अन्य उपकरणों’ पर फोकस से किन कंपनियों को फायदा
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि बजट में पूंजीगत खरीद के भीतर “अन्य उपकरण” की कैटगरी पर खासा जोर दिया गया है। इस कैटेगरी में मिसाइल, गोला-बारूद, रडार और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उपकरण शामिल होते हैं। वित्त वर्ष 2027 के बजट अनुमान में इस मद के लिए आवंटन 62 प्रतिशत बढ़कर 82,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, इन ‘अन्य उपकरणों’ पर फोकस के चलते सोलर इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत डायनामिक्स जैसी कंपनियां अच्छी स्थिति में हैं, क्योंकि इनका कारोबार सीधे तौर पर ऐसे ही उपकरणों से जुड़ा है। इसके अलावा, अस्त्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स और डेटा पैटर्न्स को भी अप्रत्यक्ष या “ट्रिकल-डाउन” आधार पर लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
एयरोस्पेस सेक्टर को भी मिला सपोर्ट
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े शेयरों पर भी पॉजिटिव रुख दिखाया गया है। बजट 2026 में विमान, उनके इंजन और दूसरे कलपुर्जों के निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (बीसीडी) में छूट दी गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि इस कदम से पीटीसी इंडस्ट्रीज और आजाद इंजीनियरिंग जैसी कंपनियों को फायदा मिल सकता है, जो एयरोस्पेस कंपोनेंट्स और उच्च मूल्य वाले इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्माण करती हैं।
बजट के बाद शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
हालांकि, बजट के दिन और उसके तुरंत बाद शेयर बाजार में डिफेंस शेयरों की चाल कमजोर रही। रविवार को डिफेंस शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स कारोबार के दौरान 5 प्रतिशत तक टूट गया। डिफेंस इंडेक्स में शामिल कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आ गई।
ब्रोकरेज का कहना है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार की प्रतिक्रिया अपेक्षाओं और मुनाफावसूली से प्रभावित हो सकती है, लेकिन गोल्डमैन सैक्स जैसी ग्लोबल ब्रोकरेज की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि मध्यम से लंबी अवधि में डिफेंस सेक्टर की बुनियादी तस्वीर मजबूत बनी हुई है।
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