Silver ETF: कोई ब्लूचिप स्टॉक या गोल्ड नहीं, लेवरेज पर सबसे अधिक इस सिल्वर ईटीएफ में आया पैसा – silver etf no blue chip stock or gold but this etf became most leveraged asset on mtf book before friday fall nse data shows



Silver ETF: निप्पन एएमसी सिल्वर ईटीएफ (Nippon AMC Silver ETF) मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक पर सबसे अधिक लेवरेज वाला एसेट बन गया। हालांकि एनएसई एमटीएफ बुक पर ये आंकड़े 30 जनवरी शुक्रवार को दुनिया भर में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट से पहले तक के हैं। 30 जनवरी 2026 को एमटीएफ बुक से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक निप्पन सिल्वर ईटीएफ की नेट लेवरेज्ड पोजिशन ₹1,748.3 करोड़ रही और इसने हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Ltd- HAL) को पीछे छोड़ दिया। एचएएल की पोजिशन ₹1442 करोड़ की रही। पहले लेवरेज्ड पोजिशन के मामले में एचएएल टॉप पर था।

Silver ETFs पर लगातार बढ़ रहा लेवरेज्ड दांव

सिल्वर ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) पर लेवरेज्ड दांव लगातार बढ़ रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 की 22 जनवरी को आई रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 की शुरुआत से सिल्वर ईटीएफ पर लेवरेज्ड दांव में कई गुना उछाल आया जोकि दुनिया भर में इसके स्पॉट प्राइस के मुताबिक ही रहा। 22 जनवरी को निप्पन सिल्वर ईटीएफ पर लेवरेज्ड दांव ₹1178 करोड़ का रहा जबकि दिसंबर 2025 की शुरुआत में यह आंकड़ा ₹472 करोड़ का रहा।

शुक्रवार को चांदी में आई रिकॉर्ड गिरावट

चांदी की ताबड़तोड़ तेजी ने सिल्वर ईटीएफ की तरफ निवेशकों को काफी आकर्षित किया। हालांकि पिछले शुक्रवार को चांदी धड़ाम हो गई और एक ही दिन में 37% टूट गई जोकि इसके लिए रिकॉर्ड गिरावट रही। अमेरिकी समय के हिसाब से रविवार की शाम को जब दोबारा ट्रे़डिंग शुरू हुई तो स्पॉट सिल्वर फिर फिसल गया। पिछले हफ्ते $120 के ऊपर रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने वाली चांदी अब $80 का लेवल संभालने के लिए भी जूझ रही है। वैश्विक बाजारों की हलचल रविवार को भारतीय मार्केट में भी दिखी, जब बजट पेश होने के दिन घरेलू मार्केट में भी कारोबार हो रहा था। निप्पन सिल्वर ईटीएफ 12% टूट गया तो सिल्वर से जुड़े बाकी ईटीएफ भी 9-15% तक फिसल गए।

चांदी की कीमतों पर तगड़ी स्ट्राइक अमेरिकी डॉलर ने की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तौर पर पर केविन वार्श (Kevin Warsh) को चुना तो डॉलर की मजबूती से दुनिया भर के कमोडिटीज मार्केट में हलचल मच गई और धड़ाधड़ बिकवाली होने लगी। अमेरिकी डॉलर की बात करें तो पिछले साल मई के बाद से शुक्रवार को इसमें जोरदार तेजी दिखी और इसका कड़कपन लगातार बढ़ रहा है। वैश्विक कमोडिटी मार्केट में बिकवाली के चलते घरेलू स्टॉक मार्केट में मेटल स्टॉक्स में भी भारी गिरावट आई और वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, हिंदुस्तान कॉपर, हिंडाल्को, नाल्को जैसी टॉप कंपनियों के मार्केट कैप को शुक्रवार और रविवार के बीच करीब ₹2 लाख करोड़ का झटका लगा।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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