Budget 2026 : यूनियन बजट 2026 के ऐलान के बाद रविवार, 1 फरवरी को रेलवे से जुड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। IRFC, RITES, RVNL और Titagarh Rail Ltd. समेत कई रेलवे शेयरों में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
बजट से पहले निवेशक रेलवे सेक्टर से कुछ बड़े ऐलानों की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन वैसी कोई बड़ी घोषणा न होने से बाजार में निराशा दिखी और रेलवे शेयर दबाव में आ गए।
रेल मंत्रालय को कितना मिला बजट
वित्त वर्ष 2027 के लिए रेल मंत्रालय को 2.93 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह मौजूदा वित्त वर्ष में मिले 2.65 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 10% ज्यादा है।
हालांकि आवंटन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन बाजार को उम्मीद थी कि रेलवे कैपेक्स में इससे ज्यादा तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

रेलवे में किस बात पर है फोकस
बजट के आंकड़ों को विस्तार से देखें तो रेलवे के अलग-अलग हिस्सों में खर्च बढ़ाया गया है।
- नई रेलवे लाइनों के लिए आवंटन बढ़ाकर 36,722 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 30,632 करोड़ रुपये था।
- गेज कन्वर्जन के लिए बजट में मामूली बढ़ोतरी हुई है और इसे 4,600 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि पहले यह 4,284 करोड़ रुपये था।
- रोलिंग स्टॉक के लिए आवंटन 52,109 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल 50,008 करोड़ रुपये था।
- सिग्नलिंग, टेलीकॉम और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स के लिए कैपेक्स में 500 से 1,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
ब्रोकरेज की उम्मीदों के मुताबिक रहा आवंटन
ब्रोकरेज फर्म Nirmal Bang समेत कई ब्रोकरेज पहले ही अनुमान लगा रहे थे कि बजट में रेलवे के लिए करीब 10% की बढ़ोतरी हो सकती है।
बजट में किया गया आवंटन उसी अनुमान के आसपास रहा, इसलिए इसमें कोई बड़ा सरप्राइज देखने को नहीं मिला।
नई ट्रेनों और वंदे भारत पर नहीं हुआ ऐलान
बजट भाषण में नई ट्रेनों या वंदे भारत ट्रेनों को लेकर कोई खास घोषणा नहीं की गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिर्फ हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर का जिक्र किया, जिसे लोकसभा में पेश किया गया। इसी वजह से रेलवे शेयरों में तुरंत कोई पॉजिटिव रिएक्शन नहीं दिखा।
रेलवे शेयरों का क्या रहा हाल
बजट के बाद रेलवे शेयरों में साफ दबाव देखने को मिला। सरकारी कंपनी IRFC के शेयर करीब 4.5% तक टूट गए। वहीं RITES और RVNL के शेयरों में 4.5% से 5.5% तक की गिरावट दर्ज की गई।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बजट में किए गए ऐलान जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और रेलवे प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन स्पीड कैसी रहती है।
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