
Cigarette Stocks: गोल्डफ्लेक (Goldflake) की आईटीसी (ITC) और फोर स्क्वेयर (Four Square) की गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (Godfrey Phillips India) के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव दिखा। वैसे तो आज रविवार है, इसके बावजूद चूंकि आज अगले वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश होना है तो इसलिए मार्केट खुला है। आज बजट के चलते मार्केट में काफी उठा-पटक दिख रही है लेकिन आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों पर तो एक नियम ने स्ट्राइक की है जो आज से लागू हुआ है जिसके चलते इनके शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में ही यानी बजट पेश होने के काफी पहले करीब 1% की गिरावट आई।
फिलहाल आईटीसी के शेयर बीएसई पर 0.25% की गिरावट के साथ ₹321.40 और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 1.38% की फिसलन के साथ ₹2007.00 पर हैं। वहीं इंट्रा-डे में आईटीसी तो 0.99% टूटकर ₹325.00 और गॉडफ्रे फिलिप्स 1.38% टूटकर ₹2007.00 तक आ गया था।
किस नियम ने की Cigarette Stocks पर स्ट्राइक?
सरकार ने 1 फरवरी से एक्साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया था जिसके चलते आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर जनवरी की शुरुआत में धड़ाम हो गए थे। नए नियम के चलते 1-13 जनवरी के बीच आईटीसी के शेयर लगातार नौ कारोबारी दिनों में करीब 17% टूट गया। वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 2-3 जनवरी के बीच 18.5% टूटे थे। पिछले साल दिसंबर में इसे लेकर सेंट्रल एक्साइज (एमेंडमेंट) बिल, 2025 पास हुआ था जिसने सिगरेट्स और तंबाकू की अन्य चीजों पर ड्यूटी में तेज बढ़ोतरी का रास्ता तैयार किया था। इसने सिगरेट्स समेत तंबाकू की सभी चीजों पर अस्थायी लेवी की जगह ली है। बुधवार की देर रात जारी एक आदेश के मुताबिक सिगरेट पर 40% जीएसटी के अलावा एक्साइज ड्यूटी लगाया जाएगा। वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक सिगरेट की लंबाई के आधार पर हर 1,000 स्टिक पर ₹2,050 से ₹8,500 की एक्साइज ड्यूटी 1 फरवरी से लागू है।
भारत में सिगरेट्स पर जो कुल टैक्स लगता है, वह इसके रिटेल प्राइस का करीब 53% है जोकि WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) से काफी कम है। डब्ल्यूएचओ ने सिगरेट की खपत कम हो, इसके लिए इस पर 75% का मानक तय किया है। भारत में सिगरेट्स पर जो टैक्स लगता है, उसमें 28% की GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) के साथ-साथ सिगरेट की लंबाई के हिसाब से अतिरिक्त वैल्यू-बेस्ड लेवी शामिल है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक इस ड्यूटी के टलते 75-85 मिमी सिगरेट की लागत 22-28% तक बढ़ेगी। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि 77 मिमी से लंबी सिगरेट की आईटीसी के सेल्स वॉल्यूम में करीब 16% हिस्सेदारी है और नए नियम के चलते इनके दाम प्रति स्टिक ₹2-₹3 बढ़ सकते हैं।
Cigarette stocks: ITC पर बदला ब्रोकरेज का रुझान
घरेलू ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने अपने हालिया रिसर्च रिपोर्ट में इसकी रिड्यूस रेटिंग को तो बरकरार रखा लेकिन टारगेट प्राइस को ₹348 से घटाकर ₹314 कर दिया। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सिगरेट सेगमेंट को लेकर यह सतर्क है क्योंकि नई नीति के चलते सिगरेट के दाम 22-50% तक बढ़ सकते हैं जिससे नियर टर्म में वॉल्यूम और मुनाफे पर असर दिख सकता है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि लकड़ी की कीमतों में गिरावट की संभावना, पेपर बोर्ड में MIP (मिनिमम इंपोर्ट प्राइस) के लागू होने और फेवरेबल मैक्रो पॉलिसीज के चलते एफएमसीजी बिजनेस में मांग और मार्जिन में रिकवरी की उम्मीदों पर आईटीसी का बाकी सेगमेंट का बिजनेस अच्छा कर सकता है।
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