
KRM Ayurveda IPO Listing: आयुर्वेदिक अस्पताल और क्लीनिक चलाने वाली केआरएम आयुर्वेद के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 74 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹135 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं जिनकी NSE SME पर आज ₹172.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 27.48% का लिस्टिंग गेन (KRM Ayurveda Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹180.70 (KRM Ayurveda Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 33.85% मुनाफे में हैं।
KRM Ayurveda IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
केआरएम आयुर्वेद का ₹77 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 74.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 63.31 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 135.37 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 54.21 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.40 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹13.67 करोड़ टेलीमेडिसिन ऑपरेशनल फैसिलिटीज को बनाने और डेवलपमेंट, ₹1.42 करोड़ सीआरएम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर इंफ्रा, ₹5.44 करोड़ ह्यूमन रिसोर्सेज, ₹12.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹22.90 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
KRM Ayurveda के बारे में
सितंबर 2019 में बनी केआरएम आयुर्वेद देश के कई शहरों में हॉस्पिटल और क्लिनिक्स चलाती है। साथ ही देश के बाहर भी टेलीमेडिसिन्स कंसल्टिंग और सेल्स के जरिए मौजूदगी है। अभी देश में इसके 6 अस्पताल और 5 क्लीनिक्स हैं। यह आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स, हर्बल और बॉटनिकल रेमेडीज, मेडिसिन्स, सप्लीमेंट्स और स्किन केयर से जुड़े आइटम्स तैयार करती है। इसके अस्पतालों और क्लिनिक्स में जनरल वार्ड और प्रीमियम रूम, पंचकर्म ट्रीटमेंट यूनिट्स,हर्बल फार्मेसी और मेडिसिन प्रिपरेशन यूनिट, आयुर्वेदिक डायट किचन, वैद्य के लिए कंसल्टेशन चैंबर, योग और मेडिएशन हॉल की सुविधा है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹7.60 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹3.41 करोड़ रह गया लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹12.10 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी और वित्त वर्ष 2023 में ₹89.38 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹67.57 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹76.95 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹8.14 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹48.65 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹25.07 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹20.61 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।