
Market view : मार्केट आउटलुक पर खास चर्चा करते हुए फर्स्ट ग्लोब ( First Global) की Chairperson और MD देविना मेहरा ने कहा कि पिछले पूरे साल में भारत का बाजार 42 बड़े बाजारों में 36वें नंबर पर था। अभी बाजार में रिस्क की ही खबरें आ रही हैं। देविना मेहरा की राय है कि पिछले साल भारतीय बाजार में कम रिटर्न बने। खुशहाली के माहौल में बाजार में सावधानी बरतनी चाहिए। लेकिन अभी जो इंडीकेटर्स हैं उनको देख कर लगता है कि रिटर्न के मामले में 2025 के मुकाबले 2026 बेहतर हो सकता है। क्योंकि अक्सर खराब साल के बाद अगला साल बेहतर होता है।
सोने-चांदी में कुछ ही निवेश होना चाहिए
सोने-चांदी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में हर तरह की थीम बदलती है। चाहे वे देश हों, चाहे एसेट क्लास हों और चाहे सेक्टर हों पहले जिसने अच्छा किया उसके पीछे भागते जाना समझदारी की बात नहीं होती। हम लोग समझते हैं कि गोल्ड सेफ हेवन हैं। लेकिन अगर डॉलर टर्म में बात करें तो वह इक्विटी से ज्यादा वोलेटाइल एसेट है। ऐसे में एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन के लिहाज से पोर्ट फोलियो में सोना चांदी होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है कि आपके निवेश का 30-40 फीसदी सोना-चांदी में हो। सोने-चांदी में कुछ निवेश (10 फीसदी से कम) होना चाहिए।
तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से रहे कमजोर
तीसरी तिमाही के नतीजों की बात करते हुए देविना मेहरा ने आगे कहा कि इस तिमाही के नतीजों में मार्जिन कम दिखे हैं। लेकिन रेवेन्यू में ठीक ग्रोथ देखने को मिली है। इस तिमाही के नतीजे उम्मीद से थोड़े नरम रहे हैं।
अभी सोना-चांदी और मेटल्स में पैसे डालने की सलाह नहीं
बाजार पर बात करते हुए उन्होनें कहा अभी सोना-चांदी और मेटल्स में पैसे डालने की सलाह नहीं होगी। पीछे देख कर गाड़ी न चलाएं। जो ट्रेन छूट गई है उसको दौड़कर पकड़नें की कोशिश न करें। ऑटो और ऑटो कंपोनेंट पर ओवरवेट नजरिया है। फार्मा और हेल्थकेयर पर भी ओवरवेट बरकरार है। FMCG के चुनिंदा शेयरों में भी ओवरेट नजरिया है। IT में कुछ शेयरों में ओवरवेट नजरिया है। बैंकिंग के कुछ शेयर अभी भी अच्छे लग रहे हैं।
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