
Share Market Down: लगातार दो दिनों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजारों में आज 29 जनवरी को गिरावट लौट आई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 525 अंकों तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,200 के भी नीचे आ गया। मुनाफावसूली, ऑटो शेयरों में तेज बिकवाली और ब्याज दरें घटने पर विराम के संकेतों ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया। इसके अलावा ग्लोबल बाजारों से भी आज कोई सपोर्ट नहीं मिला।
सुबह करीब 10.45 बजे, बीएसई सेंसेक्स 525.35 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 81,819.33 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 148.10 अंक या 0.58 प्रतिशत टूटकर 25,194.65 के स्तर पर आ गया।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 6 बड़े कारण रहे
1. मुनाफावसूली का दबाव
शेयर बाजार में लगातार दो दिनों की तेजी के बाद आज मुनाफावसूली का दवाब देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी इन दो दिनों में करीब 1 प्रतिशत तक चढ़ चुके थे। इस तेजी के बाद निवेशकों ने आईटी, ऑटो और FMCGs शेयरों में मुनाफावसूली की। हालिया तेजी को भारत और यूरोपीय यूनियन के बीत हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के ऐलान से सपोर्ट मिला था, लेकिन मौजूदा सत्र में वही तेजी थमती नजर आई।
2. अमेरिकी फेड की दरों पर रोक
अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक ने बीती ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैसला किया, जो बाजार के अनुमानों के मुताबिक था। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए कम आकर्षक हो जाती हैं, क्योंकि इससे डॉलर मजबूत होता है और अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़ती है।
फेडरल रिजर्व ने लगातार तीन बार ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती के बाद अब दरों को 3.50 से 3.75 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी मजबूत बनी हुई है, लेकिन महंगाई अभी भी कुछ हद तक ऊंची है। इससे साफ है कि ब्याज दरों में कटौती पर अभी लंबा ब्रेक लग सकता है।
एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड राजेश पलविया के मुताबिक, फेड के इस फैसले से अमेरिका के ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर्स में शॉर्ट-टर्म दबाव आ सकता है। वहीं, ग्लोबल स्तर पर निवेशक यह मानकर चल रहे हैं कि फिलहाल ब्याज दरों में तुरंत कोई कटौती नहीं होगी, जिससे बाजारों में हल्की कमजोरी देखने को मिल सकती है।
3. इंडिया VIX में उछाल
शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूदा घबराहट का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स गुरुवार को करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 14.03 अंक पर पहुंच गया। बढ़ता VIX निवेशकों की अनिश्चितता को दिखाता है और आमतौर पर सतर्क ट्रेडिंग की ओर इशारा करता है।
4. ऑटो शेयरों में दबाव
शेयर बाजार में सबसे अधिक गिरावट ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों पर दिखा। निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे बड़े सेक्टरोल लूजर्स में से एक रहा और कारोबार के दौरान करीब 1.5 प्रतिशत तक फिसल गया। मारुति सुजुकी के नतीजों के बाद शेयर में गिरावट आई। नया लेबर कोड लागू होने से जुड़े एकमुश्त खर्च और कच्चे माल की लागत बढ़ने का असर दिखा। इसका दबाव दूसरे ऑटो शेयरों पर भी पड़ा।
5. कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में भी आज सुबह के कारोबार में कमजोरी देखी गई। जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी बीती रात अधिकतर सपाट बंद हुए थे, जिससे भारतीय शेयर बाजारों को कोई सपोर्ट नहीं मिल पाया।
6. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव गुरुवार को 1.08 प्रतिशत चढ़कर 69.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को नेगेटिव माना जाता है और यह शेयर बाजार पर दबाव बनाता है।
अब आगे क्या?
HDFC सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च हेड, देवरश वकील के मुताबिक, निफ्टी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज की थी और 25,342 पर बंद हुआ था। उन्होंने कहा, “निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव हुआ है क्योंकि इंडेक्स ने 25,270 के अपने 5-डे EMA को पार किया। इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए इंडेक्स को 24,932 के हालिया स्विंग लो के ऊपर टिकना होगा। तत्काल रेजिस्टेंस 25,435 पर है, इसके बाद 50-दिनों के EMA 25,725 पर।”
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