
Defence Stocks: शेयर बाजार में आज अगर सबसे ज्यादा चर्चा किसी सेक्टर की रही, तो वो है डिफेंस सेक्टर। आज 28 जनवरी को डिफेंस शेयरों में ऐसी जोरदार खरीद देखने को मिली कि निवेशक भी हैरान रह गए। Bharat Electronics, BEML जैसे दिग्गज डिफेंस शेयर 10 से 12 प्रतिशत तक उछल गए, और पूरा Nifty India Defence Index करीब 5 प्रतिशत चढ़ गया। सवाल ये है कि अचानक डिफेंस शेयरों में इतनी तेजी क्यों आई? क्या ये सिर्फ एक दिन की उछाल है या इसके पीछे कोई बड़ी कहानी है? और सबसे अहम सवाल, बजट 2026 से पहले किन डिफेंस शेयरों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए?
सबसे पहले ये समझते हैं आखिर डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज 28 जनवरी को तेजी क्यों आई? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे तीन बड़ी वजहें रही। यूरोपीय यूनियन के साथ डील, शानदार तिमाही नतीजे, और बजट से पहले बड़ी उम्मीदें।
1. यूरोपीय यूनियन के साथ रक्षा और सुरक्षा समझौता
यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौते का मकसद आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाना, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करना और मिलकर सैन्य उपकरणों के विकास पर काम करना है। इस समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय यूनियन की टॉप लीडरशिप की मौजूदगी में मुहर लगी।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस समझौते से डिफेंस सेक्टर में इंटर-ऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल बेहतर होगा। साथ ही, भारतीय डिफेंस कंपनियों को यूरोपीय यूनियन के सिक्योरिटी एक्शन फॉर यूरोप (SAFE) कार्यक्रम में सीधे शामिल होने का मौका मिल सकता है।
यानी अब भारतीय डिफेंस कंपनियां सिर्फ भारत सरकार के लिए नहीं, बल्कि यूरोप के लिए भी हथियार और टेक्नोलॉजी बना सकती हैं। इससे न सिर्फ भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए नए ऑर्डर और साझेदारी के रास्ते खुलेंगे, बल्कि सेक्टर की लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाएं भी मजबूत होंगी। यही वजह है कि निवेशकों ने डिफेंस शेयरों में जमकर खरीदारी की और शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला।
2. Bharat Electronics (BEL) के दमदार तिमाही नतीजे
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में आज जमकर खरीदारी देखने को मिली। तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर करीब 10 फीसदी चढ़कर रिकॉर्ड स्तर ₹457.50 पर पहुंच गया। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 20.4 फीसदी बढ़ा, जबकि रेवेन्यू में लगभग 24 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। BEL के शेयर, निफ्टी 50 इंडेक्स का हिस्सा हैं। इस शेयर में खरीदारी का असर पूरे डिफेंस सेक्टर पर पड़ा और बाकी डिफेंस शेयरों में भी तेजी आ गई।
3. बजट से पहले बनी उम्मीदें रहीं
डिफेंस शेयरों की यह तेजी ऐसे समय आई है, जब 1 फरवरी को बजट पेश होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। । ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि सरकार इस बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर में अच्छी बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। इन्हीं उम्मीदों के चलते निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स आज कारोबार के दौरान करीब 5 फीसदी तक चढ़ गया, और लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ बंद हुआ। पिछले दो दिनों में यह इंडेक्स कुल मिलाकर 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
बजट से पहले किन डिफेंस शेयरों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए?
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global का मानना है कि अगर सरकार आने वाले समय में एरियल वॉरफेयर पर ज्यादा जोर देती है, तो इससे कुछ चुनिंदा डिफेंस कंपनियों को सीधा फायदा मिल सकता है। Emkay के मुताबिक, Zen Technologies, Astra Microwave Products, Data Patterns और Paras Defence and Space Technologies जैसी कंपनियां इस थीम की प्रमुख लाभार्थी हो सकती हैं। ये कंपनियां ड्रोन, रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी हैं।
ब्रोकरेज का कहना है कि सरकार इस दिशा में जल्द ही ‘ड्रोन शक्ति मिशन’ शुरू कर सकती है। यह मिशन 5 साल के लिए करीब ₹10,000 करोड़ का इंसेंटिव प्रोग्राम हो सकता है, जिसका मकसद भारत को ड्रोन और एरियल डिफेंस टेक्नोलॉजी का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।
ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि सरकार इसके अलावा पहले ही शिपबिल्डिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ₹69,800 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दे चुकी है। अब ब्रोकरेज का मानना है कि बजट 2026–27, इस सेक्टर में और तेजी लाने का बड़ा मौका हो सकता है। इसके साथ ही, पूरे मैरीटाइम इकोसिस्टम को बड़े स्तर पर तैयार करने के लिए सागरमाला 2.0 कार्यक्रम के विस्तार की जरूरत है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अगर सरकार शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम सेक्टर को और मजबूती देने के लिए नए कदम उठाती है, तो Cochin Shipyard, Mazagaon Dock और Larsen & Toubro (L&T) इसके सबसे बड़े लाभार्थी हो सकते हैं।
वहीं, Motilal Oswal का कहना है कि डिफेंस सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) आने वाले समय में भी ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, हाल के सालों में कैपेक्स ग्रोथ में डिफेंस सेक्टर का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। Motilal Oswal ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस लगातार स्वदेशीकरण पर बना हुआ है, खासकर बड़े डिफेंस प्लेटफॉर्म्स और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स में। इसके साथ ही, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ने से निजी कंपनियों के लिए भी नए मौके खुलते नजर आ रहे हैं।
ब्रोकरेज का कहना है कि अगर बजट में डिफेंस कैपेक्स के लिए ज्यादा आवंटन किया जाता है, तो इसका सीधा फायदा Bharat Electronics (BEL), Bharat Dynamics और Hindustan Aeronautics (HAL) जैसी डिफेंस पीएसयू कंपनियों को मिलेगा। इसके साथ ही, ब्रोकरेज ने सुझाव दिया कि बजट में कंप्लायंस का बोझ कम करने और मैन्युफैक्चरिंग व डिफेंस प्रोजेक्ट्स की मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया जाना चाहिए।
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