
Stock Market : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 28 जनवरी को बढ़त के साथ बंद हुए। Nifty 25,300 से ऊपर टिकने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में Sensex 487.20 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 82,344.68 पर और Nifty 167.35 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 25,342.75 पर बंद हआ। लगभग 2844 शेयरों में तेज़ी आई, 1226 शेयरों में गिरावट आई, और 120 शेयर अपरिवर्तित रहे। सेक्टरों में मीडिया,मेटल, एनर्जी, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, PSU बैंक 1-4 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। जबकि FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा नीचे बंद हुए।
Nifty पर सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ONGC, इटरनल, कोल इंडिया, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा शामिल रहे। Nifty मिडकैप इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
29 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट 25,200–25,150 ज़ोन में है। ये 200-डे EMA ज़ोन के आसपास ही स्थित है। इस ज़ोन से नीचे गिरावट आने पर निफ्टी की कमज़ोरी 24,900 तक बढ़ सकती है। उसके बाद शॉर्ट टर्म में ये गिरावट 24,600 तक जा सकती है। ऊपर की तरफ, 25,450–25,500 ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है।
बैंक निफ्टी ने पॉजिटिव शुरुआत की और अपने शुरुआती हाई को पार कर गया, लेकिन 59,700 ज़ोन के पास सेलिंग प्रेशर ने तेज़ी को रोक दिया और फिर गिरावट आई। लेकिन आखिरी घंटे में आई तेज़ी के कारण इंडेक्स 0.66% बढ़कर 59,599 पर बंद हुआ। खास बात यह है कि इंडेक्स अपने 20-डे EMA के अहम शॉर्ट-टर्म सपोर्ट के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। इस बीच, डेली चार्ट पर सिकुड़ते MACD हिस्टोग्राम बार मंदी की गति में कमी का संकेत दे रहे हैं और नियर टर्म में संभावित ट्रेंड स्टेबिलाइज़ेशन की ओर इशारा कर रहे हैं।
बैंक निफ्टी के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस 59,900–60,000 ज़ोन में है। इस ज़ोन से ऊपर जाने पर शॉर्ट टर्म में 60,300 और उसके बाद 60,600 की ओर पुलबैक नजर आ सकता है। नीचे की ओर 59,100–59,000 का ज़ोन ( 50-डे EMA ज़ोन) एक मज़बूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि भारत-EU FTA के सपोर्ट से घरेलू बाज़ारों में आज भी तेज़ी देखने को मिली। मेटल्स, फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में मज़बूती के कारण ब्रॉडर इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि FMCG शेयरों में निवेशकों के साइक्लिकल सेक्टर की ओर जाने से प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई। ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले हैं। निवेशकों की नजर U.S. फेड के पॉलिसी फैसले पर है। उम्मीद यह कि यूएस में दरों में बदलाव नहीं होगा। लेकिन फोकस इस साल के आखिर में संभावित रेट कट पर फेड चेयरमैन की गाइडेंस पर है। साथ ही, U.S.-ईरान के बढ़ते तनाव और ग्लोबल टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से कुल मिलाकर माहौल सुस्त रहने की उम्मीद है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी में 25,180 से ऊपर सीधी बढ़त ने 25,800 के अपसाइड टारगेट के साथ रिवर्सल का संकेत दिया है, हालांकि 25,580 के पास इंटरमीडिएट रेजिस्टेंस दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि 25,400 को पार करने में नाकाम रहने पर सावधानी बरतना चाहिए। वहीं, 25,080 से नीचे जाने पर तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।
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