Share Markets: शेयर बाजार का पलटा मूड, सेंसेक्स दिन के हाई से 650 अंक टूटा, ये हैं 3 बड़े कारण – share market fall from day high 3 big reasons sensex down 700 points from high nifty below 25200



Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में आज 28 जनवरी को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बाद सेंसेक्स दिन के हाई से 650 अंक फिसल गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,200 के नीचे चला गया। मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार के सेंटीमेटं पर दबाव देखा गया।

दोपहर 1:49 बजे के करीब, सेंसेक्स 0.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 81,857.59 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 25,198.55 पर कारोबार कर रहा था।

शेयर बाजार की इस तेज उतार-चढ़ाव के पीछे 3 बड़े कारण रहे-

1. मुनाफावसूली का दबाव

शेयर बाजार में आज मुनाफावसूली का दबाव साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी लगभग 200 अंकों तक चढ़ चुका था। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक करना बेहतर समझा। निफ्टी पर एशियन पेंट्स के शेयरों में 5.4 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, बजाज ऑटो और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे दिग्गज शेयर भी टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

एक्सिस सिक्योरिटीज ने एक बयान में बताया, “निफ्टी फ्यूचर्स के फरवरी सीरीज की शुरुआत 1.74 करोड़ शेयरों के बड़े ओपन इंटरेस्ट के साथ हुई है। भाव में 2.9 फीसदी की गिरावट के बावजूद 23.19 लाख शेयरों की बढ़ोतरी शॉर्ट बिल्ड-अप की ओर इशारा करती है, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार पर दबाव बना रह सकता है।”

2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली भी शेयर बाजार पर भारी पड़ती दिखी। विदेशी निवेशकों ने एक दिन पहले 27 जनवरी को शेयर बाजार में 3,068 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। जनवरी महीने में अब तक वे भारतीय शेयर बाजार से करीब 43,700 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया, “शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशकों और घरेलू निवेशकों के बीच खींचतान साफ दिख रही है। जहां विदेशी निवेशक लगातार शेयर बेच रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि विदेशी निवेशक भारत में तुलनात्मक रूप से ज्यादा वैल्यूएशन, मामूली अर्निंग्स ग्रोथ और रुपये में लगातार कमजोरी के चलते बिकवाली कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर डीआईआई को आने वाले समय में मुनाफे में सुधार की उम्मीद है। ऐसे में कोई भी खबर या घटना जिससे शॉर्ट कवरिंग शुरू हो, उससे मार्केट में रैली आ सकती है। भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड डील के बाद अब निवेशकों की नजरें अब 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हुई है।

3. ऑटो शेयरों में गिरावट जारी

ऑटो सेक्टर में बिकवाली का सिलसिला भी मंगलवार को जारी रहा। इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि यूरोपीय यूनियन से इंपोर्टेड कारों पर टैरिफ अगले पांच सालों में धीरे-धीरे घटाए जा सकते हैं, जिससे यूरोप की बड़ी ऑटो कंपनियों को फायदा होगा। इस आशंका के भारतीय ऑटो कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा और सेक्टर ने बाजार की तेजी में पूरा साथ नहीं दिया।

टेक्निकल चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड, श्रीकांत चौहान ने बताया कि सेंसेक्स और निफ्टी के लिए 25,000/81,400 और 24,900/81,000 मुख्य सपोर्ट जोन होंगे। जब तक बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहेगा, तब तक पुलबैक का रुझान जारी रहने की संभावना है। ऊपरी स्तर पर, 25,200/81,800 तुरंत रेसिस्टेंस जोन का काम कर सकता है। अगर बाजार इस स्तर को सफलतापूर्वक तोड़ता है, तो यह 25,300-25,350/82,200-82,400 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर, अगर बाजार 24,900/81,000 के नीचे गिरता है, तो सेंटीमेंट बदल सकता है।

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