
Shadowfax IPO Listing: मीशो, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, स्विगी, बिगबास्केट, जेप्टो, नायका, ब्लिंकिट, जोमैटो, उबेर, लिसियस, मैजिकपिन जैसे दिग्गज क्लाइंट्स को सर्विसेज देने वाली शैडोफैक्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹124 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹112.60 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि करीब 9% पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹116.35 (Shadowfax Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 6.17% घाटे में हैं।
Shadowfax IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
शैडोफैक्स का ₹1,907 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-22 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.86 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 4.00 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.88 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.43 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 2.17 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹1,000 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,31,66,854 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹423.43 करोड़ नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के कैपिटल एक्सपेंडिचर; ₹138.64 करोड़ नए फर्स्ट माइल सेंटर्स, लास्ट माइल सेंटर्स और सॉर्ट सेंटर्स के लीज पेमेंट्स; ₹88.57 करोड़ ब्रांडिंग, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन; और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Shadowfax Tech के बारे में
जून 2016 में बनी शैडोफैक्स टेक लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन मुहैया कराती है। यह ई-कॉमर्स एक्सप्रेस पार्सल डिलीवरी ऑफर करती है। इसकी सर्विसेज में ई-कॉमर्स और डी2सी डिलीवरी, कुछ ही घंटों या ऑर्डर वाले ही दिन हाइपरलोकल और क्विक कॉमर्स और शैडोफैक्स के फ्लैश ऐप के जरिए एसएमएस और पर्सनल कूरियर सर्विसेज हैं। देश भर में फैले इसके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में 30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक 4299 टचप्वाइंट्स हैं। इसके क्लाइंट्स में मीशो, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, स्विगी, बिगबास्केट, जेप्टो, नायका, ब्लिंकिट, जोमैटो, उबेर, लिसियस, मैजिकपिन इत्यादि हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹142.64 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹11.88 करोड़ रह गया और फिर वित्त वर्ष 2025 में यह ₹6.60 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में आ गई। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 32% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹2,514.66 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹21.04 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹1,819.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹147.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹281.26 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।