
Nifty Outlook: निफ्टी के मंथली एक्सपायरी सेशन में मंगलवार को बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी दिनभर करीब 300 अंकों के दायरे में झूलता रहा। शुक्रवार की तेज गिरावट के बाद इंडेक्स ने निचले स्तरों से मजबूत वापसी की और सत्र के ऊपरी स्तर के आसपास बंद हुआ।
कमजोर शुरुआत, शुरुआती मिनटों में दबाव
कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। पहले 15 मिनट के भीतर ही निफ्टी 131 अंक फिसलकर 24,932 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। शुरुआती बिकवाली ने बाजार का मूड दबाव में रखा।
दोपहर करीब 2:30 बजे तक बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करता रहा। मंथली एक्सपायरी को लेकर ट्रेडर्स सतर्क दिखे, जिससे साफ दिशा बनने में समय लगा।
कारोबार के अंतिम घंटे में खरीदारी तेज हुई। निफ्टी करीब 250 अंक चढ़कर 25,246 के दिन के उच्च स्तर तक पहुंचा। अंत में इंडेक्स 126 अंकों की बढ़त के साथ 25,175 पर बंद हुआ।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी पैक में Adani Enterprises, Axis Bank और JSW Steel ने मजबूती दिखाई। वहीं Mahindra & Mahindra, Asian Paints और Kotak Mahindra Bank पर दबाव रहा और ये शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
सेक्टर के मोर्चे पर निफ्टी मेटल, PSU बैंक और IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर मीडिया, ऑटो और FMCG सेक्टर सबसे कमजोर रहे।
बेंचमार्क में आई रिकवरी का असर ब्रॉडर मार्केट पर भी दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.59% और स्मॉलकैप 100 में 0.41% की बढ़त दर्ज हुई।
रुपये में मजबूती, लेकिन तेजी सीमित
करेंसी मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 91.92 पर बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स में नरमी और भारत-EU FTA को लेकर पॉजिटिव सेंटिमेंट से रुपये को सपोर्ट मिला। हालांकि, महीने के अंत में डॉलर की मांग और कमजोर कैपिटल इनफ्लो की वजह से तेजी सीमित रही।
आगे बाजार से क्या उम्मीद
मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आने वाले दिनों में बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। ग्लोबल घटनाक्रम और जियोपॉलिटिकल संकेतों पर नजर बनी रहेगी। घरेलू स्तर पर Q3 रिजल्ट्स के चलते स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल जारी रहने की संभावना है।
25,000 के पास मिला मजबूत सपोर्ट
निफ्टी को 25,000 के अहम स्तर के पास मजबूत सपोर्ट मिला है। क्लोजिंग के आधार पर इंडेक्स ने अपना लॉन्ग-टर्म 200-DMA भी दोबारा हासिल कर लिया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी पूरी तरह राहत की स्थिति नहीं बनी है और ट्रेंड बदलने की पुष्टि के लिए आगे भी खरीदारी जरूरी है।
मौजूदा कमजोर या बेयरिश सेटअप को खत्म करने के लिए निफ्टी का 25,400 के ऊपर मजबूती से निकलना बेहद अहम माना जा रहा है। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक टिकाऊ तेजी की तस्वीर साफ नहीं होगी।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
सेंट्रम ब्रोकिंग के निलेश जैन के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल 25,000 से 25,400 के दायरे में ही घूम सकता है। यानी आने वाले सत्रों में बाजार में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी का मानना है कि निफ्टी का अंडरलाइंग ट्रेंड 24,900 के सपोर्ट जोन से ऊपर की ओर मुड़ता दिख रहा है। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में 25,500 के आसपास अगला बड़ा रेजिस्टेंस आ सकता है, जबकि नजदीकी सपोर्ट 25,150 के पास बना हुआ है।
अभी बुलिश होना ठीक नहीं?
निफ्टी का 200-DMA के ऊपर बंद होना एक पॉजिटिव संकेत है। हालांकि, LKP सिक्योरिटीज के रूपक डे का कहना है कि बिना फॉलो-थ्रू खरीदारी के निफ्टी पर पूरी तरह बुलिश होना ठीक नहीं होगा। 24,900 का स्तर अब भी मजबूत सपोर्ट है और इसके नीचे फिसलने पर दोबारा बिकवाली का दबाव बन सकता है।
ऊपर की तरफ 25,500 का स्तर अभी भी निफ्टी के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है। जब तक इंडेक्स इस लेवल के ऊपर साफ ब्रेकआउट नहीं देता, तब तक ट्रेडर्स के लिए ‘तेजी पर बिकवाली’ यानी sell-on-rise की रणनीति कारगर बनी रह सकती है।
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