
Stocks to Watch: 27 जनवरी को भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच जिस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा है। इस समझौते का मकसद ज्यादातर सामानों पर टैरिफ घटाकर भारत और EU के बीच व्यापार को तेज करना और अमेरिका पर निर्भरता कम करना है। खासकर, ऐसे समय में जब दुनिया भर में ट्रेड टेंशन बढ़ रही है।
EU के मुताबिक, इस डील के बाद 2032 तक भारत को होने वाला उसका एक्सपोर्ट दोगुना हो सकता है। वैल्यू के हिसाब से 96.6 प्रतिशत ट्रेड होने वाले सामानों पर टैरिफ या तो खत्म होंगे या बड़े स्तर पर घटेंगे। इससे यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत होगी।
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि EU अगले सात साल में भारत से आयात होने वाले 99.5 प्रतिशत सामानों पर टैरिफ शून्य कर देगा। इसमें मरीन प्रोडक्ट्स, लेदर, टेक्सटाइल, केमिकल्स, रबर, बेस मेटल और जेम्स-ज्वैलरी जैसे बड़े सेक्टर शामिल हैं।
मरीन प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट को नई रफ्तार
FTA के तहत भारतीय मरीन प्रोडक्ट्स पर EU में लगने वाला टैरिफ धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा। इससे विशाखापट्टनम और काकीनाडा (आंध्र प्रदेश), वेरावल (गुजरात), कोच्चि और अलप्पुझा (केरल), तथा दीघा और हल्दिया (पश्चिम बंगाल) जैसे तटीय इलाकों को सीधा फायदा मिल सकता है।
इसका असर सिर्फ एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फिशरीज, प्रोसेसिंग यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स से जुड़े रोजगार भी बढ़ सकते हैं। Apex Frozen Foods, Avanti Feeds और Coastal Corporation जैसे स्टॉक्स इस सेक्टर में फोकस में रह सकते हैं।
केमिकल सेक्टर में 12.8% से जीरो ड्यूटी
EU भारत से जाने वाले 97.5 प्रतिशत केमिकल एक्सपोर्ट पर टैरिफ 12.8 प्रतिशत से घटाकर शून्य करेगा। यह भारत के सबसे मजबूत और तैयार एक्सपोर्ट सेक्टरों में से एक है।
इससे बल्क और स्पेशियलिटी केमिकल्स कंपनियों को स्केल-अप करने का मौका मिलेगा। गुजरात के भरूच-वडोदरा बेल्ट और महाराष्ट्र के केमिकल हब्स को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। Acutaas Chemicals, SRF, PCBL और Jubilant Ingrevia जैसे स्टॉक्स पर बाजार की नजर रह सकती है।
टेक्सटाइल, अपैरल और क्लोदिंग
यह डील टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। EU में भारतीय कपड़ों पर लगने वाली 12 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी खत्म होने से भारतीय प्रोडक्ट वहां ज्यादा सस्ते हो जाएंगे।
इससे बड़े ऑर्डर, लंबा प्रोडक्शन रन और फैक्ट्रियों की बेहतर क्षमता उपयोग संभव है। EU का टेक्सटाइल इंपोर्ट मार्केट करीब 263.5 अरब डॉलर का है, जबकि भारत का हिस्सा अभी सिर्फ 7.7 अरब डॉलर का है।
तिरुप्पुर, इचलकरंजी, सूरत, लुधियाना और हैदराबाद-वारंगल जैसे टेक्सटाइल क्लस्टर्स को सीधा फायदा मिल सकता है। Welspun Living, Indo Count Industries, KPR Mill, Trident, Arvind और Vardhman Textiles जैसे स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं।
फार्मा सेक्टर की EU बाजार में आसान एंट्री
FTA के तहत भारतीय फार्मा कंपनियों को EU बाजार में प्रेफरेंशियल एक्सेस मिलेगा। इससे दवाओं के अप्रूवल प्रोसेस में तेजी, कम लागत और जेनरिक दवाओं के लिए बेहतर मौके बन सकते हैं।
इसका फायदा यह होगा कि भारतीय कंपनियां अमेरिका पर निर्भरता कम कर EU में अपना बिजनेस बढ़ा सकेंगी। Biocon, Dr Reddy’s, Lupin, Aurobindo Pharma, Torrent Pharma, Ipca Laboratories और Sun Pharma जैसे स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रह सकती है।
लेदर और फुटवियर में टैरिफ खत्म
EU में लेदर और फुटवियर पर लगने वाला 17 प्रतिशत टैरिफ खत्म होने से भारतीय कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना है, खासकर मास और मिड-प्रीमियम सेगमेंट में।
यह सेक्टर MSME और रोजगार के लिहाज से भी काफी अहम है। तमिलनाडु का वेल्लोर-अंबूर और उत्तर प्रदेश के कानपुर-आगरा जैसे क्लस्टर्स को इससे मजबूती मिल सकती है। Relaxo Footwears, Mirza International और Liberty Shoes जैसे स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं।
जेम्स और ज्वैलरी में जीरो ड्यूटी
EU में जेम्स और ज्वैलरी पर 4 प्रतिशत टैरिफ खत्म होने से भारतीय ज्वैलरी एक्सपोर्ट और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएगा। कम लागत की वजह से यूरोप में मांग बढ़ सकती है।
मुंबई, सूरत और जयपुर जैसे हब्स में कटिंग-पॉलिशिंग और कारीगरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। Golkonda International और Vaibhav Global जैसे स्टॉक्स इस सेगमेंट में चर्चा में रह सकते हैं।
कुल मिलाकर क्या बदलेगा
India-EU FTA भारत के एक्सपोर्ट-ड्रिवन सेक्टर्स के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। टेक्सटाइल, केमिकल, फार्मा, मरीन, लेदर और जेम्स-ज्वैलरी जैसे सेक्टर्स को इससे सीधा फायदा दिखता है।
लंबी अवधि में यह डील न सिर्फ एक्सपोर्ट बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार, MSME और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को भी मजबूत कर सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।