Budget 2026: क्या ₹1.25 लाख से ₹2 लाख हो जाएगी LTCG छूट की सीमा? AMFI ने बताई वजह – budget 2026 amfi seeks long term capital gains exemption hike to rs 2 lakh here is why



Budget 2026: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की सबसे बड़ी संस्था ‘एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI)’ ने आगामी बजट 2026 से पहले सरकार के सामने एक अहम सुझाव रखा है। AMFI ने इक्विटी निवेश पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) की टैक्स-फ्री सीमा को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर ₹2 लाख करने की मांग की है। AMFI का कहना है कि मौजूदा छूट की सीमा महंगाई, बढ़ती आय और शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के मुताबिक नहीं है। ऐसे में टैक्स छूट की सीमा में बदलाव करना जरूरी हो गया है।

मौजूदा नियम क्या है?

फिलहाल, इक्विटी शेयरों और इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स से होने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर ₹1.25 लाख तक की सालाना कमाई टैक्स-फ्री है। इससे अधिक लाभ पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है।

AMFI का कहना है कि इस टैक्स-फ्री सीमा को बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाना चाहिए, ताकि छोटी से मीडियम अवधि के निवेशकों को वास्तविक राहत मिल सके। इसके अलावा, संस्था ने यह भी सुझाव दिया है कि पांच साल से अधिक अवधि तक रखे गए इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश पर होने वाले LTCG को पूरी तरह टैक्स-फ्री किया जाए। इससे निवेशकों को लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखने का प्रोत्साहन मिलेगा।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

AMFI के अनुसार, मौजूदा LTCG छूट की सीमा कई सालों से नहीं बदली है। जबकि इस दौरान महंगाई, वेतन और निवेश का औसत साइज काफी बढ़ चुका है। टैक्स राहत बढ़ाने से न केवल छोटे निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि यह सरकार के उस लक्ष्य के भी मुताबिक है, जिसमें घरेलू बचत को वित्तीय संपत्तियों और इक्विटी बाजार की ओर मोड़ना शामिल है।

संस्था का यह भी मानना है कि लंबी अवधि के निवेश पर टैक्स इनसेंटिव देने से टैक्स कारणों से कई जल्दबाजी में होने वाली बिकवाली के मामले कम होंगे, बाजार में स्थिरता बढ़ेगी और लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन की संस्कृति मजबूत होगी।

डेट म्यूचुअल फंड्स पर इंडेक्सेशन की वापसी की मांग

इक्विटी के अलावा, AMFI ने डेट म्यूचुअल फंड्स के लिए भी राहत की मांग की है। साल 2023 में ज्यादातर डेट फंड्स पर LTCG के लिए इंडेक्सेशन बेनिफिट खत्म कर दिया गया था। इसके चलते ऐसे फंड्स से होने वाला लाभ अब निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल हो गया।

AMFI ने सरकार से अपील की है कि 36 महीने से अधिक समय तक रखे गए डेट म्यूचुअल फंड्स पर LTCG के साथ इंडेक्सेशन की सुविधा बहाल की जाए। संस्था का तर्क है कि इससे पोस्ट-टैक्स रिटर्न सुधरेंगे, सीनियर सिटीजन्स और कंजर्वेटिव निवेशकों को फायदा मिलेगा, डेट फंड्स में फिर से निवेश बढ़ेगा और कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को भी मजबूती मिलेगी।

बजट 2026 से उम्मीदें

AMFI का मानना है कि अगर सरकार इन सिफारिशों पर विचार करती है, तो यह कदम न सिर्फ निवेशकों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि भारत के कैपिटल मार्केट को अधिक स्थिर, गहरा और लंबी अवधि के निवेश के अनुकूल बनाने में भी मदद करेगा। अब सबकी निगाहें रविवार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 पर टिकी हैं कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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