
Market Outlook: बाजार में 23 जनवरी शुक्रवार को बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 770 प्वाइंट गिरा तो निफ्टी 241 प्वाइंट फिसलकर बंद हुआ। बाजार में पिछले 4 महीने में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखने को मिली। इस हफ्ते BSE-लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 15 लाख करोड़ से ज्यादा गिरा है। ऐसे में बाजार की आगे की चाल कैसे रहेगी। इस पर बात करते हुए Bajaj Finserv AMC के हेड- इक्विटीज सोरभ गुप्ता (Sorbh Gupta ) ने कहा कि कॉर्पोरेट अर्निंग में सुधार हो रहा है। भारत दूसरे बाजारों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। वैल्युएशन अब धीरे-धीरे करेक्ट हो रहा है। हालांकि ग्लोबल संकेतों की वजह से थोड़ा टेंशन बना हुआ है। लेकिन धीरे धीरे चीजें स्टेबल होने की संभावना बनी है। यहीं कारण है कि हमें बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद है। स्टेबलाइजेशन से ब्रॉडर मार्केट से बेहतर रिटर्न संभव है।
आगे की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कैपिटल फ्लो बेहतर हो रहा है। FPI आउटफ्लो को लेकर कंसर्न है। वैल्युएशन अब धीरे-धीरे करेक्ट हो रहा है। प्रो-ग्रोथ बजट से बाजार को सपोर्ट मिलेगा। बजट के बाद टेंशन, अनिश्चितता कम होने की संभावना है। बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद
गोल्ड- सिल्वर की तेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल फाइनेंशियल वोलैटिलिटी से गोल्ड पर असर देखने को मिला। US डॉलर और इकॉनमी की अनिश्चितता से फायदा मिल रहा है। मौजूदा माहौल में गोल्ड पॉजिटिव है। आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अभी गोल्ड का एक्सपोजर बनाए रखेंगे। जरूरत पर एलोकेशन बढ़ाया जा सकता है।
वहीं सिल्वर में बहुत तेज और ओवरशूट रैली देखी गई। जनवरी से अब तक 25–28% की उछाल आया। अभी सिल्वर में एक्सपोजर बढ़ाने का समय नहीं है । सिल्वर में प्रोफिट बुकिंग, गोल्ड में शिफ्टिंग की जा सकती है।
सेक्टोरल फ्रंट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बैंकिंग सबसे बड़ा एक्सपोजर है। बैंकों में अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है। मार्जिन में सुधार, डिविडेंड यील्ड का सपोर्ट मिलता। PSU बैंकों पर पहले ज्यादा फोकस है। आगे प्राइवेट बैंकों में भी एक्सपोजर लें सकते हैं। ऑटो में अब भी पॉजिटिव आउटलुक है। FMCG में भी एक्सपोजर बढ़ाया है।
स्टॉक पिकिंग स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे अहम फैक्टर डिविडेंड यील्ड है। डिविडेंड देने वाली कंपनियों पर ज्यादा फोकस होता है। स्टेबल रिटर्न और कम वोलैटिलिटी का लक्ष्य है। कैश प्लो ग्रोथ पर भी फोकस है।
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