Gold-Silver ETFs: क्रैश के अगले ही दिन 17% तक उछला भाव, इन 4 कारणों से सोना-चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड – gold silver etfs bounce back sharply as much as 17 percent as precious metals hits news all time high 4 reasons



Gold-Silver ETFs: एक दिन पहले की तेज गिरावट के बाद गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ETF) में आज 23 जनवरी को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। कई ETFs के भाव कारोबार के दौरान 17 प्रतिशत तक उछल गए। यह तेजी सोना और चांदी के दाम के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद आई। ग्लोबल स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बने रहने के चलते निवेशकों में सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत होती दिखी।

घरेलू वायदा बाजार में सोने-चांदी ने भाव ने शुक्रवार को नए शिखर छुए। MCX पर फरवरी एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अप्रैल और जून एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट भी क्रमशः 1,68,000 रुपये और 1,73,676 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर रहे।

चांदी में भी तेज उछाल दिखा। मार्च एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 3,39,927 रुपये प्रति किलो के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। मई और जुलाई एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट भी रिकॉर्ड उच्च स्तरों पर कारोबार करते दिखे। यह उछाल ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले चांदी के दाम करीब 4 प्रतिशत तक फिसल गए थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर चांदी के दाम 100 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई, जबकि सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पास कारोबार करता दिखा।

तेजी के पीछे क्या रही वजह?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गोल्ड और सिल्वर के दामों में शुक्रवार की तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-

1. अमेरिका-यूरोप के बीच तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर नरम बयानों के बावजूद अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रंप ने फिलहाल यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से कदम पीछे खींच लिया हो, लेकिन अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई। ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मसले पर भविष्य के किसी समझौते की बात कही हो, लेकिन उस “फ्रेमवर्क” के विवरण अब भी अस्पष्ट हैं। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीदते हैं।

2. डॉलर कमजोर हुआ

अमेरिकी डॉलर इस समय कमजोर चल रहा है और इस साल का अब तक का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन दर्ज किया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना-चांदी जैसे डॉलर में बिकने वाले कमोडिटी दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सस्ते हो जाते हैं, जिससे डिमांड बढ़ जाती है और दाम चढ़ते हैं।

3. सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) की मांग बढ़ी

ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच आगे क्या होगा, इस पर स्थिति साफ नहीं है। समझौते की शर्तें भी अभी धुंधली हैं। इस अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने-चांदी में पैसा लगा रहे हैं।

4. यूरोप में भरोसा कमजोर पड़ा

यूरोपीय नेताओं का कहना है कि ट्रंप की धमकियों से अमेरिका-यूरोप रिश्तों पर असर पड़ा है। भले ही दोनों पक्ष व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना चाहते हों, लेकिन भरोसे में कमी आई है। यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलासने कहा कि पिछले एक सप्ताह में ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों को बड़ा झटका लगा है, हालांकि सहयोग मजबूत करने की इच्छा भी जताई गई है। इससे भी बाजार में घबराहट बढ़ी और सोने-चांदी को सपोर्ट मिला।

इन गोल्ड ETF में दिखी तेज उछाल

ग्रो गोल्ड ETF, इन्वेस्को इंडिया गोल्ड ETF, मोतीलाल ओसवाल गोल्ड ETF और एक्सिस गोल्ड ETF में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि 360 ONE गोल्ड ETF, बंधन गोल्ड ETF, टाटा गोल्ड ETF, एंजेल वन गोल्ड ETF, जीरोधा गोल्ड ETF, क्वांटम गोल्ड ETF, ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF, एडलवाइस गोल्ड ETF और यूनियन गोल्ड ETF में 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल देखने को मिली।

एलआईसी म्यूचुअल फंड गोल्ड ETF, निप्पॉन गोल्ड ETF, निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BEES, HDFC गोल्ड ETF और दूसरे ETF में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त हुई।

सिल्वर ETF में सबसे तेज उछाल

सिल्वर ETF में रिकवरी और भी तेज रही। 360 वन सिल्वर ETF सबसे ज्यादा चढ़ा और कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत से अधिक उछल गया। टाटा सिल्वर ETF जो एक दिन पहले 24 परसेंट तक गिर गया था, शुक्रवार को करीब 9 परसेंट उछला। मिराए एसेट सिल्वर ETF, एक्सिस सिल्वर ETF, एडलवाइस सिल्वर ETF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF, DSP सिल्वर ETF, ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF और दूसरे लगभग 9 परसेंट चढ़े।

निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF, HDFC सिल्वर ETF, ज़ीरोधा सिल्वर ETF और दूसरे ETF भी 8 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए।

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