
EPack Prefab Tech Shares: इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स कंपनी ईपैक प्रीफैब टेक के शेयरों में आज बिकवाली का इतना तेज दबाव दिखा कि न सिर्फ टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया बल्कि आईपीओ प्राइस के एकदम करीब आ गया। इसके शेयरों की करीब चार पहले ही घरेलू स्टॉक मार्केट में एंट्री हुई थी। दिसंबर 2025 तिमाही के कमजोर नतीजे पर ईपैक प्रीफैब टेक के शेयर धड़ाम हुए हैं। नतीजों से निराश निवेशकों ने शेयरों की धड़ाधड़ बिकवाली शुरू की दी जिससे बीएसई पर यह 10% के लोअर सर्किट ₹205.30 पर आ गया और यह इसी पर बना हुआ है। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹204 के भाव पर जारी हुए थे।
EPack Prefab के लिए कैसी रही दिसंबर तिमाही?
चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 में ईपैक प्रीफैब के प्रॉफिटेबिलिटी में तगड़ा सुधार दिखा, जिसे अदर इनकम में तेज उछाल से सपोर्ट मिला। दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 45% उछलकर ₹16.8 करोड़ पर पहुंच गया। इसे ₹5.9 करोड़ के अदर इनकम से सपोर्ट मिला जबकि दिसंबर 2024 तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹4 लाख था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 22.1% बढ़कर ₹325.3 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी का EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 21.7% बढ़कर ₹32.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 10.1% पर स्थिर बना रहा।
सालाना आधार पर दिसंबर तिमाही में कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया लेकिन तिमाही आधार पर इसे झटका लगा। तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 25% तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट 34.6% गिर गया। वहीं ऑपरेटिंग मार्जिन भी 11.5% से फिसलकर 10.1% पर आया और नेट प्रॉफिट भी 43% फिसल गया। वहीं दूसरी तरफ अदर इनकम ₹2.8 करोड़ से बढ़कर ₹5.9 करोड़ पर पहुंची।
नियर टर्म के दबाव के बावजूद कंपनी के ऑर्डर बुक और एग्जीक्यूशन आउटलुक में सुधार दिखा। तिमाही आधार पर कंपनी का ऑर्डर बुक 32% बढ़कर दिसंबर 2025 तिमाही में ₹1,216 करोड़ पर पहुंच गया जोकि दिसंबर 2024 तिमाही में ₹920 करोड़ पर था। वहीं कैपेसिटी विस्तार भी ट्रैक पर रही और कंपनी ने गुजरात में 39 एकड़ जमीन हासिल की लेकिन ममबट्टू ब्राउनफील्ड कैपेसिटी के इस वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक बंद होने के आसार हैं।
अब आगे की बात करें तो सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में ईपैक प्रीफैब टेक्नोलॉजीज के संजय सिंघानिया ने इस वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के पहली छमाही की तुलना में अधिक बेहतर होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि लंबे मानसून और साइट नहीं होने के चलते तीसरी तिमाही में कंपनी के काम पर असर पड़ा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि चौथी तिमाही में रेवेन्यू में तेजी से सुधार होने की उम्मीद है। कंपनी को चौथी तिमाही में ₹450-500 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद है और फिर से उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2026 में इसे ₹1,500-1,550 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हो सकता है। संजय सिंघानिया का कहना है कि तीसरी तिमाही में अटके बड़े प्रोजेक्ट्स का डिजाइन वर्क पूरा हो चुका है और प्रोडक्शन का काम चालू है जिससे मार्च 2026 तिमाबी में बेहतर परफॉरमेंस की उम्मीद है।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल
ईपैक प्रीफैब टेक के ₹504 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹204 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। घरेलू स्टॉक मार्केट में इसकी पिछले साल 1 अक्टूबर 2025 को एंट्री हुई थी। करीब 9% डिस्काउंट पर लिस्ट होने के बाद दबाव में यह 7 अक्टूबर 2025 को ₹179.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। इस निचले स्तर से एक ही महीने में यह 91.75% उछलकर 7 नवंबर 2025 को ₹344.00 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया था। हालांकि फिर शेयरों पर दबाव बना और अब यह टूटकर आईपीओ प्राइस के काफी करीब आ गया है।
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