Margin Trading Facility खतरे की घंटी! अब Zerodha के नितिन कामत ने भी उठाए सवाल – margin trading facility a warning sign now zerodhas nithin kamath has also raised concerns



Margin Trading Facility : शेयर मार्केट में मार्जिन ट्रेडिंग फेसिलिटी (Margin Trading Facility) को लेकर सवाल उठ रहे हैं। Zerodha के फाउंडर नितिन कामत के मुताबिक MTF के चलते मार्केट में स्ट्रक्चरल रिस्क बढ़ सकता है। Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने अपने एक X पोस्ट में कहा है कि पिछले 4 साल में MTF बुक 5 गुना बढ़ी है। फिलहाल ये 1.1 लाख करोड़ रुपए पर है। MTF के गणित के समझें तो इस सुविधा के तहत शेयरों को गिरवी रखकर अतिरिक्त मार्जिन मिलता है। करीब 1300 कंपनियों के शेयरों पर 3 से 5 गुना मार्जिन है। इस पर प्रति दिन 0.04% (40 रुपए प्रति लाख) का ब्याज लगता है। कई ब्रोकर 9-15% सालाना ब्याज पर MTF देते हैं।

MTF क्यों है रिस्की?

1300 में से कई शेयरों में लिक्विडिटी कम है। MTF में क्लाइंट सिर्फ खरीदारी की पोजीशन होल्ड करते हैं। बाजार में गिरावट पर फोर्स्ड लिक्विडेशन का खतरा रहता है। उदाहरण के लिए 1 लाख के शेयरों को गिरवी रखकर आप 80 हजार रुपए का मार्जिन ले सकते हैं। शेयरों को गिरवी रखते समय 20% का हेयरकट लगता है। फिर 80 हजार के मार्जिन से आप 5 लाख रुपए तक की खरीद कर सकते हैं।

कितनी बढ़ी MTF?

पिछले हफ्ते के मुकाबले 1600 करोड़ रुपए की MTF पोजिशन बढ़ी है। 20 जनवरी को MTF पोजिशन 173 करोड़ रुपए बढ़ी। सबसे ज्यादा MTF पोजिशन कहां है, इस पर नजर डालें तो HAL में 1506 रुपए की, JIO FIN करोड़ रुपए की, ITC में 1226 करोड़ रुपए की, RELIANCE में 1221 करोड़ रुपए की और NIPPON SILVER BEES करोड़ रुपए की MTF पोजिशन है।

मार्जिन ट्रेडिंक फैसिलिटी ‘आज खरीदें, बाद में भुगतान करें’ के मॉडल की तरह काम करता है। इसमें निवेशकों को ट्रेडिंग के लिए जरूरी पैसों का कुछ हिस्सा ही चुकाना पड़ता है और बाकी पैसा ब्रोकर लोन की तरह दे देती है। जैसे कि मान लें कि 100 रुपये के भाव वाले 1 हजार शेयरों की ट्रेडिंग करनी है तो 1 लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। अब या तो आप पूरे एक लाख रुपये अपने पास से लगाएं या 30 फीसदी यानी 30 हजार रुपये खुद का लगाएं और बाकी 70 फीसदी यानी 70 हजार रुपये ब्रोकर से लोन के रूप में मिल जाएगा।

मार्जिन ट्रेडिंग का फायदा ट्रेडर्स और ब्रोकर्स दोनों को मिलता है। ट्रेडर्स ज्यादा पैसा लगाने के लिए लोन ले सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमाने की कोशिश कर सकते हैं, वहीं ब्रोकर्स दिए गए लोन पर ब्याज कमाते हैं।

MTF के नुकसान

वहीं अगर इन्वेस्टर का प्रिडिक्शन गलत साबित होता है और उसने जिस ग्रोथ का अंदाजा लगाया है, वह ग्रोथ होती ही नहीं बल्कि शेयर प्राइस उस स्टॉक के गिर जाते हैं, तो ऐसे में उसके ऊपर दबाव बढ़ सकता है और इन्वेस्टर को फोर्स क्लोजिंग करनी पड़ती है। ऐसे में स्टॉक में उसने जो अपना पैसा लगाया,उस पर तो उसे नुकसान होगा ही,लेकिन जो MTF से अमाउंट लिया है,उसके नुकसान के साथ-साथ उसे उसका ब्याज भी भरना होगा।



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