
HPCL Shares: बुधवार 21 जनवरी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) ने चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 के कारोबारी नतीजे जारी किए और अब आज इसके शेयरों में उठा-पटक दिखने लगी। दिसंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे लेकिन ब्रोकरेज का बुलिश रुझान इस पर बना हुआ है, इसके चलते हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर ग्रीन और रेड जोन में झूलने लगे। फिलहाल बीएसई पर यह 0.12% की बढ़त के साथ ₹429.45 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.31% के उछाल के साथ ₹434.55 तक पहुंचा था तो दूसरी तरफ डाउनसाइड में इंट्रा-डे में यह 1.08% फिसलकर ₹424.30 तक आ गया था।
Hindustan Petroleum के लिए कैसी रही दिसंबर तिमाही?
रिफाइनिंग सेगमेंट की कमजोरी के चलते हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कारोबारी नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। यह विजग में नई रिफाइनरी चालू होने के बावजूद हुआ। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर रहा लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट, मार्जिन और शुद्ध मुनाफा उम्मीद के कमजोर रहे। साथ ही इसका ग्रास रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) प्रति बैरल $8.9 रहा जोकि $10 के अनुमान से काफी कम रहा। हालांकि कमजोर नतीजे के बावजूद इसे कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से करीब दो-तिहाई ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को कायम रखा है तो चार ने इसे होल्ड रेटिंग और सात ने सेल रेटिंग दी है।
क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने ₹595 के टारगेट प्राइस के साथ हिंदुस्तान पेट्रोलियम को खरीदारी की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में इस बाक का जिक्र किया है कि बड़े पैमाने पर कंपनी की स्थिर रिफाइनिंग मार्जिन और मार्केटिंग मार्जिन में गिरावट की भरपाई एलपीजी घाटे में गिरावट, और फॉरेक्स लॉस में कमी से हुई।
एक और ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने इसे ₹420 के टारगेट प्राइस के साथ होल्ड रेटिंग दी है लेकिन ध्यान दें कि एक कारोबारी दिन पहले यह इस लेवल के ऊपर बंद हुआ था और अभी भी इस लेवल के ऊपर ही यह है। सीएलएसए के नोट में इस बात का जिक्र किया गया है कि उम्मीद के मुताबिक वॉल्यूम की बावजूद यूनिट मार्केटिंग मार्जिन में तेज गिरावट की तुलना में रिफाइनिंग मार्जिन अधिक रहा।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम को ₹385 के टारगेट प्राइस के साथ सेल रेटिंग दी है। रिफाइनिंग सेगमेंट के कमजोर परफॉरमेंस के चलते इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी ईबीआईटीडीए जेफरीज के अनुमान से 11% कमजोर रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने इसे लेकर दो पॉजिटिव बातों का जिक्र किया है- एक तो ये कि एलपीजी के घाटों की भरपाई को लेकर सरकार के ऐलान से वित्त वर्ष 2026-2027 में कंपनी की कमाई बढ़ेगी और दूसरा ये है कि इस साल 2026 में कच्चे तेल की नरमी की उम्मीदों पर कंपनी के मार्केटिंग मार्जिन को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि जेफरीज के मुताबिक राजस्थान रिफाइनरी वित्त वर्ष 2027 से चालू होगी तो इसके प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका झटका दिख सकता है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर पिछले साल 3 मार्च 2025 को ₹287.55 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह 10 ही महीने में यह 76.82% उछलकर 5 जनवरी 2026 को ₹508.45 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।
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