
Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Ola Electric Mobility) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट दिखी। CFO के इस्तीफे की खबर के बाद स्टॉक 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया और करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गया।
बीएसई पर शेयर 8.92 प्रतिशत गिरकर 32.59 रुपये पर बंद हुआ। इंट्रा-डे में यह 9.84 प्रतिशत फिसलकर 32.26 रुपये तक चला गया था। पिछले 10 कारोबारी सत्रों में स्टॉक कुल मिलाकर 26 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है।
CFO का इस्तीफा बना गिरावट की बड़ी वजह
ओला इलेक्ट्रिक के CFO हरीश अभिचंदानी ने व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे नवंबर 2023 से कंपनी के CFO थे। उन्हीं के कार्यकाल में कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। हालांकि, कंपनी इस समय गिरती बिक्री से जूझ रही है। इसके चलते नवंबर 2025 में उसने FY26 के रेवेन्यू अनुमान में कटौती की थी।
दीपक रस्तोगी बने नए CFO
ओला इलेक्ट्रिक ने 20 जनवरी से दीपक रस्तोगी को नया CFO नियुक्त किया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, दीपक को P&L लीडरशिप, कैपिटल मार्केट्स, फंड रेजिंग, M&A, IPO, स्ट्रैटेजी और गवर्नेंस का गहरा अनुभव है। कंपनी का कहना है कि वे अब तक करीब 100 करोड़ डॉलर के इक्विटी ट्रांजैक्शंस और कई इंटरनेशनल M&A डील्स पर काम कर चुके हैं।
ओला इलेक्ट्रिक पर एक्सपर्ट की राय
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि ओला इलेक्ट्रिक लगातार मजबूत बेयरिश दबाव में बना हुआ है। शेयर लगातार 10वें सत्र में गिरा है, जो दिखाता है कि इसे लेकर मार्केट सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। डेली चार्ट पर स्टॉक साफ तौर पर डाउनट्रेंड में है और सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘हालिया पुलबैक की हर कोशिश 50 EMA और 100 EMA के पास जाकर फेल हुई है, जिससे साफ है कि ये लेवल्स अब डायनामिक रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहे हैं। इन एवरेज के ऊपर टिकने में नाकामी के चलते हर बार नई बिकवाली देखने को मिली है।’
ओला के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
आकाश शाह का कहना है कि ओला इलेक्ट्रिक का स्टॉक लगातार लोअर हाई और लोअर लो बना रहा है, जो बेयरिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। 35-36 रुपये के सपोर्ट जोन के नीचे हालिया ब्रेकडाउन से स्ट्रक्चर और कमजोर हुआ है। अब 30 रुपये का स्तर अहम और तात्कालिक सपोर्ट बनकर उभरा है। अगर यह लेवल भी निर्णायक रूप से टूटता है, तो आगे और गिरावट का रास्ता खुल सकता है।
शाह के मुताबिक, ‘जब तक ओला इलेक्ट्रिक 40-43 रुपये के जोन के नीचे बना रहता है और शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर क्लोज नहीं देता, तब तक ओवरऑल नजरिया निगेटिव ही रहेगा। ऐसे में किसी भी तेजी को टिकाऊ रैली की बजाय बिकवाली का मौका माना जाएगा।’
बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा से दबाव
कभी ई-स्कूटर मार्केट में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली ओला इलेक्ट्रिक को अब कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Bajaj Auto और TVS Motor ने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत किया है। वे समान कीमत पर ज्यादा विकल्प भी पेश कर रहे हैं, जिससे ओला की बाजार हिस्सेदारी पर दबाव बढ़ा है।
हाल में मिला था पॉजिटिव अपडेट
हाल ही में ओला इलेक्ट्रिक को एक पॉजिटिव खबर मिली थी। कंपनी को 4680 भारत सेल से लैस 6kW / 9.1 kWh बैटरी पैक वाली ‘Ola Shakti’ के लिए BIS सर्टिफिकेट मिला है। यह देश का पहला रेजिडेंशियल BESS (Battery Energy Storage System) सॉल्यूशन है, जिसे पूरी तरह भारत में डिजाइन किया गया है।
IPO से अब तक का सफर
ओला इलेक्ट्रिक ने 6,145 करोड़ रुपये के IPO में 76 रुपये के भाव पर शेयर जारी किए थे। 9 अगस्त 2024 को लिस्टिंग हुई थी। पहले ही दिन शेयर अपर सर्किट पर बंद हुआ और 20 अगस्त 2024 को 157.53 रुपये के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया।
इसके बाद गिरावट का दौर शुरू हुआ। 18 दिसंबर 2025 को शेयर 30.79 रुपये के रिकॉर्ड लो तक आ गया था। यह ऑल टाइम हाई से करीब 80 प्रतिशत की गिरावट थी।
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