
Ola Electric Share Price: घरेलू स्टॉक मार्केट की बिकवाली के माहौल में आज ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की गिरावट इतनी तेज रही कि निवेशक सहम उठे। बिकवाली की आंधी में यह 8% से अधिक टूट गया और इस गिरावट के साथ टूटकर यह करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गया। यह गिरावट कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के इस्तीफे के चलते आई है। आज की गिरावट के साथ कंपनी के शेयर लगातार दस कारोबारी दिनों में 25% से अधिक कमजोर हुए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर अधिक संभल नहीं पाए और फिलहाल बीएसई पर यह 7.57% की गिरावट के साथ ₹33.07 पर है। इंट्रा-डे में यह 8.36% फिसलकर ₹32.79 तक आ गया था।
अब कौन हैं Ola Electric के नए सीएफओ?
ओला इलेक्ट्रिक के सीएफओ हरीश अभिचंदानी (Harish Abichandani) ने व्यक्तिगत वजहों से अपने पद से इस्तीफा दिया है। दीपक रस्तोगी अभी हाल ही में प्रॉपर्टी डेवलपर पूर्वांकर के ग्रुप फाइनेंस चीफ थे। हरीश नवंबर 2023 से ही ओला इलेक्ट्रिक के सीएफओ थे, और उनके समय में ही कंपनी की स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई थी। हालांकि फिलहाल कंपनी गिरती सेल्स से परेशान है और इस वजह से पिछले साल नवंबर 2025 में कंपनी ने इस वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू के अनुमान में कटौती कर दी थी। ओला इलेक्ट्रिक की कभी देश के ई-स्कूटर मार्केट में 50% हिस्सेदारी थी लेकिन अब इसे बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और टीवीएस मोटर (TVS Motor) से काफी टक्कर मिल रही है जिन्होंने अपना डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाया है और समान कीमत में मॉडल्स पेश किए हैं।
अब ओला इलेक्ट्रिक के नए सीएफओ की बात करें तो 20 जनवरी से हरीश की जगह दीपक रस्तोगी सीएफओ हैं। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया कि दीपक को P&L (प्रॉफिट एंड लॉस) लीडरशिप, कैपिटल मार्केट्स, फंड जुटाने, विलय और अधिग्रहण, आईपीओ, रणनीति, बदलाव और गवर्नेंस को लेकर काफी महारत हासिल है। कंपनी के खुलासे के मुताबिक दीपक अब तक करीब $100 करोड़ के इक्विटी ट्रांजैक्शंस पर काम कर चुके हैं और उन्होंने कई देशों के M&A (मर्जर एंड एक्विजिशंस) सौदे पर काम किया है। कंपनी का दावा है कि दीपक ने मार्जिन बढ़ाने और वित्तीय अनुशासन को लेकर एक्सपर्ट हैं।
हाल ही में किया था एक ‘पॉजिटिव’ ऐलान
ओला इलेक्ट्रिक ने हाल ही में ऐसा ऐलान किया था जो कंपनी के शेयरों के लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है। शुक्रवार को कंपनी ने खुलासा किया कि इसे 4680 भारत सेल से लैस 6 किलोवाट/9.1 kWh बैटरी पैक वाली ओला शक्ति के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का सर्टिफिकेट और लाइसेंस मिल गया है। ओला शक्ति देश का पहला रेजिडेंशियल BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) सॉल्यूशन है। इसे भारत में ही डिजाइन कर तैयार किया गया है।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?
ओला इलेक्ट्रिक के ₹6,145 करोड़ के आईपीओ के तहत ₹76 के भाव पर शेयर जारी हुए थे जिसकी घरेलू स्टॉक मार्केट में 9 अगस्त 2024 को एंट्री हुई थी। फ्लैट लिस्टिंग के बाद पहले ही कारोबारी दिन यह अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ था। धड़ाधड़ खरीदारी के साथ कुछ ही दिनों में यह 20 अगस्त 2024 को ₹157.53 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस हाई से यह 80.45% टूटकर 18 दिसंबर 2025 को ₹30.79 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।