
FII Buying Stocks: भारतीय बाजार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। नवंबर 2025 में कैश सेगमेंट में 175 अरब रुपये की नेट बिकवाली हुई। दिसंबर में यह बढ़कर 343.49 अरब रुपये हो गई। जनवरी 2026 के पहले 14 दिनों में ही FIIs 217.06 अरब रुपये के शेयर बेच चुके हैं।
लेकिन इस भारी बिकवाली के बीच कुछ ऐसे शेयर भी हैं, जहां FIIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। दिसंबर 2025 तिमाही के आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं।
GRM Overseas बासमती चावल, मसाले, आटा और रेडी-टू-ईट प्रोडक्ट्स के कारोबार में है। कंपनी 10X, 7 Express और Shakti जैसे ब्रांड्स के जरिए देश और विदेश में मौजूद है। FIIs ने सितंबर 2025 में 1.89% हिस्सेदारी से दिसंबर 2025 तक इसे बढ़ाकर 3.36% कर दिया, यानी 1.47% की बड़ी बढ़ोतरी।
Q2 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 16.2% बढ़कर 372.1 करोड़ रुपयेरहा। EBITDA 53.9% बढ़ा और मार्जिन 6.6% तक पहुंच गया। नेट प्रॉफिट में 60.5% की तेज छलांग लगी।
कंपनी ने UAE में सब्सिडियरी बनाई है और सऊदी अरब में 10X ब्रांड के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए करार किया है। 2028 तक पैकेज्ड फूड और रेडी-टू-ईट सेगमेंट पर बड़ा दांव है।
Torrent Pharma कार्डियो, CNS और गैस्ट्रो जैसे सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखती है। इसमें FIIs की हिस्सेदारी सितंबर 2025 में 15.92% थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 16.13% हो गई।
Q2 FY26 में नेट सेल्स बढ़कर 3,302 करोड़ रुपये पहुंचीं। नेट प्रॉफिट 453 करोड़ रुपये से बढ़कर 591 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी की 73% कमाई ब्रांडेड मार्केट्स से आती है। भारत में बिजनेस 12% और ब्राजील में 21% बढ़ा। आगे क्रॉनिक थेरेपी, नए लॉन्च और JB Chemicals के अधिग्रहण पर फोकस रहेगा।
Kovai Medical Center and Hospital
Kovai Medical तमिलनाडु का मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल है। FIIs ने इसकी हिस्सेदारी 1.25% से बढ़ाकर 1.31% कर दी है। Q2 FY26 में नेट सेल्स 392 करोड़ रुपये रही, जबकि नेट प्रॉफिट 58.9 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी 100 नए बेड जोड़ने की योजना में है। चेन्नई में 300-400 बेड का नया हॉस्पिटल और नया OPD ब्लॉक भी पाइपलाइन में है।
क्या FII हिस्सेदारी बढ़ने वाले शेयर खरीदने चाहिए?
जिन शेयरों में FIIs अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, वे निवेश के लिए दिलचस्प हो सकते हैं। लेकिन, सिर्फ इसी वजह से निवेश करना सही नहीं है। आपको समझना चाहिए कि FIIs क्यों खरीद रहे हैं। क्या वो वजह कंपनी के फंडामेंटल्स और आपके निवेश के समय-सीमा से मेल खाती है या नहीं।
यह भी याद रखना जरूरी है कि FII का पैसा स्थायी नहीं होता। अमेरिकी ब्याज दर में बदलाव, ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल, करेंसी में उतार-चढ़ाव या भू-राजनीतिक तनाव जैसी वजहों से उनका रुख तेजी से बदल सकता है। भले ही कंपनी मजबूत हो, लेकिन अगर FIIs बड़े पैमाने पर बाहर निकलते हैं, तो स्टॉक में तेज गिरावट आ सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।