
New UDAN scheme : सरकार जल्द ही देश के हर एस्पिरेशनल (aspirational) जिले को हवाई नक्शे पर लाने का रोडमैप जारी करेगी। ऐसे हर जिले में कम से कम एक एयरपोर्ट या हेलीपोर्ट होगा। अगली उड़ान स्कीम में ये प्रावधान होंगे जिसका ड्राफ्ट अगले कुछ दिनों में जारी हो सकता है। इस स्कीम में पहाड़ी राज्यों और नॉर्थ-ईस्ट पर विशेष फोकस होगा। अगले 10 साल में 120 नए डेस्टिनेशन बनाए जाएंगे। सरकार ‘UDAN’ स्कीम का नया अवतार लाएगी।
इस स्कीम की शर्तें पहले से आसान होंगी। रूट री-बिडिंग प्रक्रिया ज्यादा सरल होगी। Viability Gap Funding जारी रहेगी। सब्सिडी की समय सीमा में छूट संभव है। उड़ान स्कीम के तहत पर्वतीय और पूर्वांचल के दूरदराज इलाकों में नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, कई शहरों में हेलीपोर्ट का निर्माण कर हेलीकॉप्टर के जरिए एयर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।
क्या है उड़ान स्कीम
UDAN स्कीम अक्टूबर 2016 में नेशनल सिविल एविएशन पॉलिसी के हिस्से के तौर पर शुरू की गई थी, जिसका मकसद “आम नागरिक” के लिए फ्लाइट्स को आसान बनाकर हवाई यात्रा को आसान बनाना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2017 में शिमला से दिल्ली के लिए पहली UDAN फ्लाइट का उद्घाटन किया था। इस स्कीम के लिए शुरुआती मदद 8,000 करोड़ रुपये थी। तब से, 915 वैलिड रूट्स में से 649 चालू हो गए हैं। इन रूट्स ने 92 ऐसे एयरपोर्ट को जोड़ा है जहां सर्विस नहीं है और जहां कम सर्विस है। इसमें 15 हेलीपोर्ट और 2 वॉटर एयरोड्रोम शामिल हैं। इसके तहत अब तक 3.23 लाख UDAN फ्लाइट्स में 1.56 करोड़ से ज़्यादा पैसेंजर्स ने हवाई यात्रा की है।
इतनी प्रगति के बावजूद, कई पहचाने गए एयरपोर्ट ज़मीन, टेक्निकल या रेगुलेटरी दिक्कतों की वजह से अभी भी चालू नहीं हैं, जिससे नए तरीके से काम करने की ज़रूरत है।