Budget 2026: LTCG पर टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाकर की जाए ₹2 लाख, STT में न हो और इजाफा; मार्केट पार्टिसिपेंट्स की डिमांड – budget 2026 market participants demand higher exemption limit on long term capital gains no more increase in stt



मार्केट पार्टिसिपेंट्स चाहते हैं कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने जा रहे आम बजट में कैपिटल मार्केट के लिए टैक्सेशन को आसान बनाया जाए। उनकी ओर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर हायर एग्जेंप्शन लिमिट की मांग भी की गई है। सुझाव है कि सरकार को ट्रांजेक्शन टेक्सेज में और वृद्धि करने से बचना चाहिए। केंद्रीय बजट 2026 को 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेंश करेंगी।

बाजार के स्टेकहोल्डर्स चाहते हैं कि रिटेल इनवेस्टर्स और लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स को अधिक राहत मिले। इसके लिए उन्होंने इक्विटी में निवेश से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट बढ़ाने की मांग की है।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज की बजट विशलिस्ट

अपनी बजट विशलिस्ट में जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी (LTCG) के लिए टैक्स-एग्जेंप्शन लिमिट को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर देना चाहिए। साथ ही ‘लॉन्ग टर्म’ की परिभाषा को 12 महीने के तौर पर इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट सहित सभी एसेट क्लास के लिए एक समान रूप से लागू कर देना चाहिए। इससे जटिलता कम होगी और कर स्पष्टता में सुधार होगा। साथ ही जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कैपिटल लॉस को अन्य मदों के तहत होने वाली आय के साथ एडजस्ट करने की इजाजत देने की मांग भी की है।

कैश इक्विटी ट्रेड्स पर डेरिवेटिव्स से कम रहे STT

मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने ट्रांजेक्शन से जुड़े टैक्सेज में किसी भी तरह की और बढ़ोतरी के खिलाफ चेतावनी दी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO धीरज रेली ने कहा कि स्टेकहोल्डर्स ने कैश इक्विटी ट्रेड्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को डेरिवेटिव्स पर टैक्स की तुलना में कम रखने का प्रस्ताव दिया है। ऐसा इसलिए ताकि सट्टा कारोबार के बजाय लॉन्ग टर्म निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने शेयर बायबैक के केवल प्रॉफिट वाले हिस्से पर टैक्स लगाने का भी सुझाव दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि घरेलू निवेशकों के लिए डिविडेंड टैक्स की दरों को अनिवासी भारतीयों के लिए लागू होने वाली दरों के अनुरूप बनाया जाए।

LTCG और STCG को घटाकर किया जाए 10 प्रतिशत

FYERS के CEO तेजस खोडे का कहना है कि सरकार को STT को और नहीं बढ़ाना चाहिए। लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स दोनों को घटाकर 10 प्रतिशत करने से रिटेल निवेशकों की भागीदारी में काफी बढ़ोतरी होगी। खोडे ने यह भी उम्मीद जताई कि सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी और नहीं बढ़ाई जाएगी। ये एसेट, इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और रुपये की गिरावट के खिलाफ बचाव के महत्वपूर्ण इंस्ट्रूमेंट बने हुए हैं। स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE रविवार, 1 फरवरी को बजट पेश किए जाने के दिन खुले रहेंगे।



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