
Reliance Industries Q3 result : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सभी बिज़नेस वर्टिकल्स में मज़बूती दिखाई है। इसके चलते इसके रेवेन्यू में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ रेवेन्यू ग्रोथ को लीड किया है। इसके बाद रिलायंस रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस रहे। इनमें सालाना आधार पर 8 फीसदी से ज़्यादा की ग्रोथ देखने को मिली है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने दिसंबर तिमाही में और मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में डबल-डिजिट कमाई कराई है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में ये शेयर 15.1 फीसदी भागा है। वहीं, दिसंबर तिमाही में इसमें 14.3 फीसदी तेजी देखने को मिली है।। शुक्रवार को NSE पर यह स्टॉक 1,457.9 रुपये पर बंद हुआ।
रिलायंस ने दिसंबर तिमाही में 2.94 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी अवधि के 2.67 लाख करोड़ रुपये से 10 फीसदी ज़्यादा है। यह बढ़ोतरी टेलीकॉम, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल सेगमेंट की वजह से हुई है।
इस तिमाही में कंपना का कर बाद मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 1.6 फीसदी बढ़कर 22,290 करोड़ रुपये पर रहा है। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 21,930 करोड़ रुपये पर रहा था।
इसी अवधि में कंपनी की अन्य आय 16.6 फीसदी बढ़कर 4,914 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 4,214 करोड़ रुपये थी। जबकि, इस अवधि में टैक्स खर्च पिछले साल के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 7,530 करोड़ रुपये पर रहा। कंपनी ने कहा है कि Q3 में उसका फाइनेंस कॉस्ट 7 फीसदी बढ़कर 6,613 करोड़ रुपये रहा है। इसकी मुख्य वजह 5G स्पेक्ट्रम एसेट्स का ऑपरेशनल होना था। जबकि, इस तिमाही में कंपनी की डेप्रिसिएशन कॉस्ट सालाना आधार पर 10.9 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,622 करोड़ रुपये रही है।
3) ऑपरेटिंग प्रॉफिट
दिसंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA (इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) सालाना आधार पर 48,003 करोड़ रुपये से 6.1 फीसदी बढ़कर 50,932 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 18 फीसदी से घटकर 17.3 फीसदी पर रहा है। इसमें 70 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखने को मिली है।
4) जियो प्लेटफॉर्म्स
दिसंबर तिमाही में, जियो ने भारतीय बाजारों के लिए तैयार किए गए अपने व्यापक, स्वदेशी टेक्नोलॉजी स्टैक की मदद से आकर्षक ऑफर्स देकर अपने सब्सक्राइबर बेस को और बढ़ाया। कंपनी ने 16.4 प्रतिशत EBITDA ग्रोथ के साथ मज़बूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिखाया। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस तिमाही में 43,683 करोड़ रुपये का रेवेन्यू किया। यह पिछले साल की तुलना में 12.7 फीसदी ज़्यादा है। यह ग्रोथ सब्सक्राइबर बढ़ने, ARPU (प्रति यूजर औसत रेवेन्यू) में बढ़ोतरी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के कारण हुई। तीसरी तिमाही में इसके कस्टमरों की संख्या 6.9 फीसदी बढ़कर 51.53 करोड़ पर पहुंच गई।
Q3FY26 में ARPU बढ़कर 213.7 रुपये पर आ गया। इसका कारण ज़्यादा कस्टमर एंगेजमेंट था,हालांकि अनलिमिटेड 5G और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए प्रमोशनल ऑफर्स की वजह से इसमें थोड़ी कमी आई। यह Q3FY25 के 203.3 रुपये से 5.1 प्रतिशत ज़्यादा रहा। जबकि, इस तिमाही में डेटा ट्रैफिक 34 फीसदीबढ़कर 62.3 बिलियन GB और वॉयस ट्रैफिक 4.8 फीसदी बढ़कर 1.53 ट्रिलियन मिनट हो गया।
कंपनी ने बताया है कि मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग लेवरेज के कारण इसका EBITDA पिछले साल के मुकाबले 16.4 फीसदी बढ़ा, जिससे मार्जिन में 170 बेसिस प्वाइंट का विस्तार हुआ है।
दिसंबर 2025 तक जियो का कुल 5G सब्सक्राइबर बेस 25.3 करोड़ हो गया। कस्टमर एंगेजमेंट में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब 5G कुल वायरलेस ट्रैफिक का लगभग 53 प्रतिशत हो गया है।
5) रिलायंस रिटेल
रिलायंस रिटेल वेंचर्स ने RIL के कुल रेवेन्यू में 33 फीसदी का योगदान दिया है। इस तिमाही में रिलायंस रिटेल की रेवेन्यू में 8.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 97,605 करोड़ रुपये पर रही है। यह बढ़ोतरी फेस्टिव खरीदारी और शादी के सीज़न के कारण सभी कंजम्पशन बास्केट में हुई है। कंपनी ने कहा कि Q2 और Q3 के बीच फेस्टिव खरीदारी के बंटवारे, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिवीजन के डीमर्जर के असर और GST रैशनलाइज़ेशन ने रेवेन्यू ग्रोथ को सीमित किया है।
इस तिमाही में कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिवीज़न का डीमर्जर पूरा हो गया। मुकेश अंबानी ने कहा,”क्लासिक इंडियन ब्रांड्स से लेकर नए ज़माने के लेबल्स तक, प्रोडक्ट्स की एक बड़ी और अलग-अलग तरह की रेंज के साथ, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स वर्टिकल एक फोकस्ड ऑर्गनाइज़ेशनल स्ट्रक्चर के साथ अपनी तेज़ ग्रोथ की राह पर आगे बढ़ रहा है।”
तीसरी तिमाही में कंपनी ने अपने स्टोर नेटवर्क का विस्तार किया और 431 नए स्टोर खोले, जिससे Q3FY26 में कुल स्टोर की संख्या 19,979 हो गई। दिसंबर में खत्म हुई तीन महीनों में इसका EBITDA पिछले साल की तुलना में 1.3 फीसदी बढ़कर 6,915 करोड़ रुपये पर रहा। वही, इसका मार्जिन 8 फीसदी रहा।
ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिज़नेस ने इस तिमाही में 1.62 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का 55 फीसदी है। इसमें सालाना आधार पर 8.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, “ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिज़नेस में मज़बूत ग्रोथ बेहतर डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के साथ काफी ज़्यादा फ्यूल मार्जिन के कारण हुई।”
इस सेगमेंट का बिक्री के लिए होने वाला प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले 1.7 फीसदी बढ़ा। Jio-bp के ज़रिए फ्यूल रिटेलिंग ऑपरेशंस ने अपने नेटवर्क को 14 फीसदी बढ़ाकर 2,125 आउटलेट्स तक पहुंचा दिया जिससे HSD के वॉल्यूम में 24.7 फीसदी और MS में 20.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
O2C EBITDA सालाना आधार पर 14.6 फीसदी बढ़कर 16,507 करोड़ रुपये पर रहा। इसमें ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक में तेज बढ़ोतरी, ज़्यादा वॉल्यूम और ज़्यादा सल्फर रियलाइज़ेशन का योगदान रहा। लेकिन डाउनस्ट्रीम केमिकल मार्जिन में गिरावट और ज़्यादा फीडस्टॉक फ्रेट रेट की वजह से यह कुछ हद तक सीमित रहा। इसी अवधि में इस सेगमेंट का मार्जिन 60 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 10.2 फीसदी हो गया।
7) तेल और गैस
तीसरी तिमाही के दौरान तेल और गैस एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेगमेंट का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 8.4 फीसदी घटकर 5,833 करोड़ रुपये हो गया, जिसका मुख्य कारण KGD6 गैस और कंडेनसेट का कम वॉल्यूम और प्राइस रियलाइजेशन था।
रिलायंस ने कहा, “Q3FY26 में KGD6 गैस की औसत कीमत 9.65 डॉलर प्रति MMBTU (मैट्रिक मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट) रही, जबकि Q3FY25 में यह 9.74 डॉलर प्रति MMBTU थी। इसी अवधि में CBM गैस की औसत कीमत 9.29 डॉलर प्रति MMBTU रही, जबकि पिछले साल यह 10.58 डॉलर प्रति MMBTU थी।
KGD6 का प्रोडक्शन 9.8 फीसदी घटकर 61.8 BCFe (बिलियन क्यूबिक फीट इक्विवेलेंट) पर रहा। हालांकि, इसी अवधि में CBM का प्रोडक्शन 6.4 फीसदी बढ़कर 2.82 BCFe हो गया।
कम रेवेन्यू और मेंटेनेंस गतिविधियों के कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने से इसका EBITDA सालाना आधार पर 12.7 फीसदी घटकर 4,857 करोड़ रुपये हो गया।
8) जियोस्टार
जियोस्टार बिज़नेस ने दिसंबर तिमाही में 8,010 करोड़ रुपए का मज़बूत रेवेन्यू हासिल किया। इसमें सालाना आधार पर 10.8 फीसदी की बढ़त रहा। इस तिमाही में EBITDA (अदर इनकम सहित) 1,303 करोड़ रुपए और मार्जिन 18.6 फीसदी रहा।
कंपनी ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका टेलीविज़न नेटवर्क 83 करोड़ से ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचा, जिससे 60 अरब घंटे से ज़्यादा का वॉच टाइम मिला। इसके साथ ही नेटवर्क का टीवी एंटरटेनमेंट व्यूअरशिप शेयर सालाना आधार पर 100 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 34.6फीसदी हो गया। कंपनी ने आगे बताया कि जियोहॉटस्टार के औसतन 45 करोड़ मंथली एक्टिव यूज़र्स (MAUs) थे,जो पिछली तिमाही के मुकाबले 13 फीसदी ज़्यादा थे और लगभग IPL वाली तिमाही (Q1FY26) के बराबर रहे।
रिलायंस ने बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में उसका कैपिटल खर्च (स्पेक्ट्रम पर खर्च की गई रकम को छोड़कर) 33,826 करोड़ रुपये रहा। यह खर्च O2C और न्यू एनर्जी बिज़नेस में चल रहे ग्रोथ प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्टमेंट और जियो और रिटेल नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और उसके विस्तार के लिए लगातार किए गए कैपिटल खर्च की वजह से हुआ। दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी का कैपिटल खर्च 32,259 करोड़ रुपये रहा था।
10) कर्ज़ और कैश लेवल
31 दिसंबर तक कंपनी का बकाया कर्ज़ 3.46 लाख करोड़ रुपये था, जबकि दिसंबर 2024 तिमाही में यह 3.5 लाख करोड़ रुपये था। वहीं इस अवधि में इसका नेट कर्ज़ 1.17 लाख करोड़ रुपये था, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1.15 लाख करोड़ रुपये था। रिलायंस ने बताया कि इस तिमाही में कैश और कैश इक्विवैलेंट 2.29 लाख करोड़ रुपये रहा,जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.34 लाख करोड़ रुपये था।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)