
Union Bank Shares: इस साल 2026 में पीएसयू बैंकों में अब तक सबसे तगड़ा रिटर्न यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने दिया। दिसंबर 2025 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद तो अब ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने इसका टारगेट प्राइस ही बढ़ा दिया। इसके चलते आज भी यूनियन बैंक के शेयर उछल पड़े और उछलकर यह करीब सात साल के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। एक कारोबारी दिन पहले यानी 14 जनवरी को भी यह 8% उछला था जोकि मार्च 2023 के बाद से इसके शेयरों के लिए इंट्रा-डे में सबसे तेज उछाल थी। आज की बात करें तो लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिसल गया। फिलहाल बीएसई पर यह 2.06% की गिरावट के साथ ₹175.80 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.92% उछलकर ₹182.95 तक पहुंच गया था जो इसके शेयरों के लिए सात साल का रिकॉर्ड हाई है।
Union Bank ने इन पांच मानकों पर चौंकाया बाजार को
दिसंबर 2025 तिमाही में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) तिमाही आधार पर 9 बेसिस प्वाइंट्स सुधर गया। दूसरी अहम बात ये रही कि इस दौरान बैंक की क्रेडिट कॉस्ट 13 बेसिस प्वाइंट्स गिरकर 0.09 के निचले स्तर पर आ गई। तीसरी बात RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) का 19 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 1.35% पर पहुंचना रहा। चौथा मानक लोअर फ्रेश स्लिपेज और राइट ऑफ में गिरावट के चलते एसेट क्वालिटी में सुधार और पांचवा मानक तिमाही आधार पर स्लिपेज रेश्यो के 0.91% से 12 बेसिस प्वाइंट्स सुधरकर 0.79% पर आना रहा। बैंक के डिपॉजिट्स में तिमाही आधार पर 1% की मामूली गिरावट आई लेकिन सीएएसए रेश्यो में तेज उछाल दिखी और यह 140 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 33.96% पर पहुंच गया।
बैंक की क्या है स्ट्रैटेजी?
सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में बैंक के एमडी और सीईओ आशीष पांडेय ने कहा कि मार्केट के हिसाब से अगली दो तिमाहियों में इंफ्रा या ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए फंड जुटाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक का लक्ष्य नेट इंटेरेस्ट मार्जिन में सुधार का और एसेट क्वालिटी को बनाए रखते हुए एनएआईएम के मौजूदा लेवल को कायम रखने की है। उन्होंने कहा कि बैंक का फोकस औसतन सीएएसए और डिपॉजिट्स में सुधार पर है और सीएएसए रेश्यो को मजबूत करने पर है।
क्या है शेयरों का टारगेट प्राइस?
ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है लेकिन टारगेट प्राइस को ₹195 से बढ़ाकर ₹210 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक डिपॉजिट्स की लागत में तिमाही आधार पर 17 बीपीएस की गिरावट के दम पर नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) में विस्तार दिखा। साथ ही कम स्लिपेज और हाई रिकवरी के चलते क्रेडिट कॉस्ट में भी नरमी आई। साथ ही मैनेजमेंट भी तिमाही आधार पर लोन बुक में 4.5% की रफ्तार के साथ ग्रोथ मोमेंटम के आगे भी बने रहने को लेकर पॉजिटिव हैं। ब्रोकरेज फर्म ने क्रेडिट कॉस्ट में नरमी के चलते बैंक के लिए वित्त वर्ष 2027 के शुद्ध मुनाफे के अनुमान में 3% और वित्त वर्ष 2028 के अनुमान में 4% की बढ़ोतरी की है।
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