
Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार 16 जनवरी को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 700 अंकों तक उछल गया। वहीं निफ्टी बढ़कर 25,850 के पार पहुंच गया। आईटी शेयरों में दमदार खरीदारी के चलते पूरे शेयर बाजार में जोश दिखा। इंफोसिस के उम्मीद से बेहतर नतीजों और और पूरे साल के लिए रेवेन्यू अनुमान बढ़ाने की खबर से बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
सुबह 10:20 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 678.36 अंक यानी 0.81% चढ़कर 84,061.07 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 184.85 अंक या 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ 25,850.45 के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखा।
शेयर बाजार में तेजी के पीछे 6 बड़े कारण रहे-
1. आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में खरीदारी रही। इंफोसिस के शेयरों में 5% से ज्यादा की उछाल देखने को मिली, जो पिछले चार महीनों में इसकी सबसे बड़ी बढ़त है। कंपनी के न सिर्फ दिसंबर तिमाही के नतीजे अच्छे रहे। बल्कि इसने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक को 2–3% से बढ़ाकर 3–3.5% कर दिया। इसके पीछे फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट में बेहतर ग्रोथ और डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग के स्थिर रहने का हवाला दिया गया।
इंफोसिस की तेजी का असर पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। निफ्टी IT इंडेक्स में शामिल सभी 10 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। Nifty IT इंडेक्स करीब 3% चढ़कर 38,851.85 पर पहुंच गया और दिन का टॉप सेक्टोरल गेनर बना।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने रायटर्स को बताया, “Infosys के नतीजों और मैनेजमेंट के बयानों से बाजार को मजबूती मिली है। आईटी कंपनियों के वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर हैं, जिससे इस सेक्टर में खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल रही है।”
2. ग्लोबल बाजारों से पॉजिटिव संकेत
घरेलू बाजारों को ग्लोबल मार्केट्स से भी सपोर्ट मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का Kospi मजबूती के साथ ट्रेड करता दिखा, जबकि अमेरिकी बाजारों ने भी गुरुवार को हरे निशान में क्लोजिंग दी थी।
3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 0.24% फिसलकर 63.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का दबाव कम होता है और भारत का इंपोर्ट बिल घटता है, जो शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है। गुरुवार को तेल की कीमतें करीब 4% गिरी थीं, क्योंकि ईरान के ऊपर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं कम हुईं।
4. भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उम्मीदें
भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर भी बाजार में उत्साह देखा गया। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा है कि भारतीय निर्यात पर रेसिप्रोकल टैरिफ कम करने से जुड़ी प्रस्तावित डील का पहला चरण लगभग अंतिम दौर में है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल और अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के बीच वर्चुअल बैठक के बाद दोनों देशों की टीमें लगातार बातचीत में हैं।
5. India VIX नीचे आया
शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स, इंडिया VIX इंडेक्स शुक्रवार को 1.24% गिरकर 11.18 पर आ गया। VIX में गिरावट निवेशकों के बीच डर कम होने का संकेत देती है, जिससे इक्विटी में जोखिम लेने का सेंटीमेंट मजबूत
6. बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
लार्जकैप बैंकिंग शेयरों में भी शुक्रवार को मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसकी एक बड़ी वजह 17 जनवरी को आने वाले दिसंबर तिमाही के नतीजे हैं। इनमें HDFC बैंक, ICICI बैंक, IDBI बैंक और यस बैंक शामिल हैं। नतीजों से पहले निवेशकों की इन बैंकों के शेयरों में दिलचस्पी बनी हुई है।
अब आगे क्या?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने बताया कि टेक्निकल चार्ट्स पर निफ्टी को 25,600 के स्तर के आसपास मिले सपोर्ट से रिवर्सल पैटर्न बनता हुआ दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, आगे की तेजी के लिए निफ्टी का 25,715 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा, जिससे 26,020 तक के स्तर देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अगर निफ्टी 25,600 के नीचे फिसलता है, तो इसमें गिरावट बढ़कर 25,060 तक जा सकती है।
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