
Q3 Results: वेयरहाउसिंग और स्टोरेज कंपनी Navkar Corporation ने दिसंबर तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। सालभर पहले के नुकसान से साफ तौर पर वापसी की है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में तेज सुधार के चलते कंपनी के नतीजे काफी बेहतर रहे। कंपनी के शेयरों में 14% तक का जोरदार उछाल दिखा।
घाटे से मुनाफे में बदली तस्वीर
दिसंबर तिमाही (Q3) में कंपनी ने ₹9.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। एक साल पहले इसी तिमाही में ₹11.4 करोड़ का नुकसान हुआ था। यानी सालाना आधार पर कंपनी की कमाई में बड़ा टर्नअराउंड देखने को मिला।
तिमाही के दौरान Navkar Corporation का रेवेन्यू 44 फीसदी बढ़कर ₹186 करोड़ पहुंच गया। यह पिछले साल इसी अवधि में ₹130 करोड़ था।
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार
ऑपरेटिंग स्तर पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। EBITDA बढ़कर ₹33.6 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह सिर्फ ₹7.3 करोड़ था।
इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 6 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हो गया। यह बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज और लागत नियंत्रण को दिखाता है।
नतीजों के बाद शेयर में तेज उछाल
मजबूत नतीजों का असर शेयर पर भी दिखा। मंगलवार को NSE पर Navkar Corporation का शेयर करीब 14 फीसदी की तेजी के साथ ₹112.97 पर ट्रेड करता दिखा। इंट्राडे में स्टॉक ₹113.98 के हाई तक पहुंच गया था। हालांकि, आखिर में मुनाफावसूली हुई। फिर भी स्टॉक 9.72% चढ़कर ₹108.78 पर बंद हुआ।
Navkar का बिजनेस मॉडल
Navkar Corporation भारत में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी की मौजूदगी कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS), प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल और इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तक फैली हुई है।
यह इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कार्गो को हैंडल करती है। कंपनी वेयरहाउसिंग, कस्टम्स क्लियरेंस और कंटेनर ट्रेन ऑपरेशंस जैसी सेवाएं देती है। मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट के लिए कंपनी के पास डेडिकेटेड रेलवे लाइन्स भी हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।