
सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल
कल बाजार ने बहुत की ओवरसोल्ड जोन से शानदार रिकवरी दिखाई। कल जिन स्तरों से बाजार घूमा वहां से घूमना जरूरी था। निफ्टी के लिए 25500 और बैंक निफ्टी के लिए 58800 काफी अहम स्तर थे। बाजार काफी ओवरसोल्ड था, PCR और FII लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो यही बता रहा था। बाजार को एक ट्रिगर की जरूरत थी सर्जियो गॉर के बयान से बाजार को वो ट्रिगर मिला। कल सुबह हमने साफ कहा था कि अगर सर्जियो गॉर अगर कुछ पॉजिटिव कहेंगे तो बड़ा संकेत हो सकता है। लेकिन एक बयान से बात नहीं बनेगी, अभी बहुत कुछ होना बाकी है और एक बात, कल भी FIIs ने ऊपरी स्तरों पर बिकवाली की। कल भी FIIs ने शॉर्ट सौदे और जोड़े। ऐसे में रिस्क रहेगा कि कल की रिकवरी के बावजूद ऊपरी स्तरों पर बिकवाली आ सकती है। भरोसा बढ़ाने के लिए निफ्टी का 26000-26100 के ऊपर निकलना और टिकना जरूरी है।
आज के संकेत
बाजार खुलते है TCS और HCL टेक के नतीजों पर रिएक्ट करेगा। TCS के नतीजे फीके हैं, अगर वन ऑफ हटा दिया जाए फिर भी कमजोर हैं। HCL टेक के नतीजे बेहतर, लेकिन शेयर काफी ज्यादा Volatile है। इस हफ्ते मार्केट के लिए कई बड़ी कंपनियों के नतीजे आएंगे। सबसे ज्यादा रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक के नतीजे अहम होगे। ICICI बैंक खासकर क्योंकि मैनेजमेंट को लेकर बाजार भरोसा चाहेगा। कल सर्जियो गोर के बयान के बाद आज ट्रेड डील होगी या नहीं इसे देखना अहम होगा और आज कमोडिटी मार्केट, क्रूड और डॉलर पर भी नजर बनाए रखें।
अनुज सिंघल ने कहा कि FIIs ऊपरी स्तरों पर कैश और फ्यूचर्स में अभी भी बिकवाली कर रहे हैं। मार्केट में अभी काफी शॉर्ट हैं, आगे शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद रहेगी। निफ्टी का असली टेस्ट वहां होगा जहां पर सपोर्ट था, यही रजिस्टेंस का काम करेंगे। 25850-26000 का जोन बाजार के लिए एक कठिन होगा। बैंक निफ्टी के लिए 59500 से 59800 एक कठिन रजिस्टेंस, इसके ऊपर निकलना जरूरी है।
कैसे रहे TCS के नतीजे
पिछले 4 साल से TCS बाजार के सबसे बड़ा अंडरपरफॉर्मर रहा। TCS की मैनेजमेंट पर बाजार का भरोसा घटा। बाजार को लगता है कि TCS अब वो नहीं रही जिसके लिए वो जानी जाती थी। वैल्युएशन के हिसाब से TCS बहुत महंगा नहीं, लेकिन अगर ग्रोथ नहीं है तो सस्ते वैल्युएशन के कोई मायने नहीं । कोई कंपनी अगर 0.8% की तिमाही ग्रोथ दिखाएगी तो कैसे चलेगा। आप कैसे मान सकते हैं कि उसके शेयर प्राइस में 4-5% का उछाल आए। वैल्युएशन डीरेटिंग TCS का बड़ा फैक्टर रहा है, वो आगे भी बरकरार रहेगा। TCS को नई और डायनामिक मैनेजमेंट की जरूरत है। इस समय जो IT में बदलाव हो रहे हैं उनपर पहले काम करना बेहद जरूरी है। TCS का शेयर शायद कुछ समय और अंडरपरफॉर्म करे। जबतक कंपनी कुछ अलग करके नहीं दिखाए, इसमें फंसने का कोई मतलब नहीं है। डिविडेंड यील्ड, वैल्युएशन के हिसाब से हो सकता है बहुत ज्यादा गिरावट नहीं हो।
15 जनवरी को बाजार में छुट्टी!
BMC चुनाव की वजह से गुरुवार को बाजार बंद रहेंगे। इक्विटी, करेंसी, करेंसी तीनों सेगमेंट में छु्ट्टी रहेगी। छुट्टी की वजह से सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी बदलेगी। सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी गुरुवार के बदले बुधवार को ही होगी। बुधवार को ही एक्सपायरी से सैंडविच सेशन नहीं। ऑप्शंस राइटर्स को फायदा होगा, ओवरनाइट रिस्क नहीं। एक दिन के थीटा डिके का भी फायदा मिलेगा।
अब क्या बनाएं रणनीति
पहली बात- अगर बेकार शेयरों में फंसे हैं तो इस रैली में निकलें। दूसरी बात- बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति रखें और तीसरी बात- रिलेटिव स्ट्रैंथ वाले शेयरों पर फोकस करें। चौथी बात- कमजोर शेयरों से हर रैली में निकलें।
ट्रेडिंग के हिसाब से मेटल्स अब भी नंबर-1 पसंद है। PSU बैंक ट्रेडिंग के लिए नंबर-2 पसंद है। IT शेयर खासकर लार्जकैप IT शेयरों से अब भी दूर रहें। नतीजों से पहले ICICI बैंक में थोड़ी मजबूती दिख रही है। HDFC बैंक में काफी कमजोरी और शेयर ICICI बैंक के तेजी के असर को कम कर रहा है। उन नतीजों पर फोकस करें जहां बेस कम है और ग्रोथ दमदार है। GST कटौती का फायदा जिनको मिलेगा और बेस कम है उनपर फोकस करें। इनमें अगर रिलेटिव स्ट्रैंथ के साथ सस्ते वैल्युएशन भी मिल जाएं तो सोने पर सुहागा। निफ्टी, निफ्टी बैंक में पोजीशन कम ही रखें। अभी भी दोनों तरफ ट्रेडिंग के मौके खोजें। अब भी बाजार का टेक्सचर रैली में बिकवाली का है लेकिन इस बाजार में ट्रेंड बदलते देर नहीं लगती।
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