
Maket insight : 3 महीने बाद 50 DEMA टूटने के बाद से सेंटिमेंट नेगेटिव हो गए हैं। अगर निफ्टी कुछ दिनों तक इसके नीचे बना रहता है और अगर वीकली चार्ट पर 25,300 का लेवल टूटता है तो 24,900-24,800 तक की गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ये बातें ऑक्टानोम टेक और हेज्ड.इन के फाउंडर और CEO राहुल घोष ने मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में कही हैं।
उनकी राय है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर नज़र रखनी चाहिए। यह स्टॉक पुल बैक पर खरीदने के लिए एक अच्छा कैंडिडेट लग रहा है, इसके वीकली और मंथली चार्ट बुलिश हैं और ऊपर की तरफ कोई खास रेजिस्टेंस नहीं है। उनके मुताबिक टेक्निकली, सोना सभी टाइम फ्रेम पर बहुत ज़्यादा ओवरबॉट है। हालांकि, आगे चलकर हम डॉलर इंडेक्स में मज़बूती आते देख सकते हैं। डॉलर इंडेक्स एक महीने के हाई लेवल पर है और ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि बढ़ते डॉलर इंडेक्स के माहौल में सोना अच्छा परफॉर्म नहीं करता है।
क्या आपको उम्मीद है कि इस हफ़्ते निफ्टी 50 में तेज़ी आएगी, या एक और हफ़्ते गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता?
इसके जवाब में राहुल घोष ने कहा कि निफ्टी अभी-अभी 26,350 के पास स्थित अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे आया है और पिछले गिरावट वाले दिन साफ तौर पर नेगेटिव क्लोजिंग हुई। बढ़ने वाले शेयरों से ज़्यादा गिरने वाले शेयर रहे,जो ऊपरी लेवल पर बिकवाली आने का संकेत है।
निफ्टी अभी भी 25,300 के आसपास अहम वीकली सपोर्ट से ऊपर बना हुआ है, इसलिए प्राइमरी ट्रेंड बुलिश है, लेकिन शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट सतर्क हो गया है। इससे रिकवरी से पहले एक और हफ्ते तक उतार-चढ़ाव या हल्के नेगेटिव एक्शन की गुंजाइश बनी हुई है। 3 महीने बाद 50 DEMA के ब्रेक ने सेंटिमेंट्स को नेगेटिव कर दिया है। अगर मार्केट कुछ दिनों तक इसके नीचे बना रहता है और अगर वीकली चार्ट पर 25,300 टूटता है, तो 24,900-24,800 तक गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, अच्छे वॉल्यूम के साथ कोई भी मजबूत पॉजिटिव प्राइस एक्शन इसे एक फेक ब्रेकआउट बना देगा। इस हफ्ते 25300 के लेवल पर नज़र रखें।
इस हफ़्ते में निफ्टी के लिए आपकी क्या स्ट्रैटेजी है?
इस पर राहुल घोष ने कहा कि अगर हम अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन में 25,940 (शुक्रवार के हाई) के ऊपर क्लोज करने में कामयाब होते हैं, तो इसे एक फॉल्स ब्रेकडाउन मानें और लॉन्ग पोजीशन ले सकते हैं। अगर निफ्टी 25,300 के लेवल से नीचे जाता है, तो 24,800 के टारगेट के लिए शॉर्ट करें।
टेक्निकल नज़रिए से अगले हफ़्ते के लिए आपकी नज़र किन दो स्टॉक्स पर है?
इस सवाल के जवाब में राहुल घोष ने कहा कि कोई गिरावट आने पर टाइटन कंपनी को 4,070 से 3,990 रुपए के लेवल के आसपास खरीदा जा सकता है। जेम्स एंड ज्वैलरी सेगमेंट द्वारा पोस्ट किए गए मज़बूत तिमाही अपडेट को देखते हुए, इस शेयर में तेज़ी जारी रहने की संभावना है। टेक्निकल नजरिए से भी यह स्टॉक एक नए लेवल पर है,जो वीकली और मंथली चार्ट पर 65 से 70 के RSI लेवल के साथ ऑल-टाइम हाई बना रहा है। इससे इसके ऊपर जाने की और संभावना दिख रही है।
मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात को देखते हुए पूरा डिफेंस सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। ऐसे में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स पर नज़र रख सकते हैं। यह स्टॉक पुल बैक पर खरीदने के लिए एक अच्छा कैंडिडेट लग रहा है, इसके वीकली और मंथली चार्ट बुलिश हैं और ऊपर की तरफ कोई खास रेजिस्टेंस नहीं है।
टेक्निकल नज़रिए से, क्या आपको लगता है कि आने वाले हफ़्तों में भी सोना अपनी चमक बनाए रखेगा?
इस पर राहुल घोष ने कहा कि टेक्निकली सोना सभी टाइम फ्रेम (डेली, वीकली और मंथली) पर बहुत ज़्यादा ओवरबॉट है। रेट कट की उम्मीदों और मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात की वजह से पिछले कुछ हफ़्तों में यह कमोडिटी तेज़ी में रही है। हालांकि, आगे चलकर हम डॉलर इंडेक्स में मज़बूती आते हुए देख रहे हैं। डॉलर इंडेक्स एक महीने के हाई लेवल पर है और ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि बढ़ते डॉलर इंडेक्स के माहौल में सोने का प्रदर्शन अक्सर खराब रहता है।
ऐसे में सोने के मौजूदा लेवल पर साइडवेज़ जाने या कंसोलिडेट होने की बहुत ज़्यादा संभावना है। गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन मौजूदा लेवल पर रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो अच्छा नहीं लग रहा है। 10 ग्राम के लिए 1,28,000 रुपये से 1,25,000 रुपये का लेवल, पुलबैक में खरीदारी के लिए अच्छा होगा,जो मौजूदा लेवल से 5-7% नीचे है।
क्या आपको इस हफ़्ते Swiggy में ज़्यादा गिरावट दिख रही है लेकिन Eternal में नहीं?
लिस्टिंग गेन और उसके बाद की उठापटक के बाद,स्विगी लगभग 350 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसका प्रोफ़ाइल अभी भी घाटे वाला है और वैल्यूएशन भी काफी ज़्यादा है, जिससे खराब सेंटीमेंट के कारण करेक्शन की गुंजाइश बनी हुई है।
इसके उलट, इटरनल 284 रुपये के आसपास घूम रहा है, जिसमें रोज़ाना बहुत कम उतार-चढ़ाव होता है और इसने हाल ही में GST से जुड़ी मांगों का खुलासा किया है। इस मांग के खिलाफ कंपनी अपील करने का इरादा रखती है। इस तरह के इवेंट रिस्क से अचानक वोलैटिलिटी आ सकती है, लेकिन शुरुआती रिएक्शन के बाद ज़्यादातर बुरी खबरें कीमत में शामिल हो जाती हैं, जिससे और गिरावट की संभावना कम दिखती है। फंडामेंटल और टेक्निकल नज़रिए से भी इटरनल, स्विगी से बेहतर स्थिति में है।
इस हफ़्ते के लिए IIFL फाइनेंस और SBI पर आपका क्या नज़रिया है?
IIFL फाइनेंस अभी मंथली रेजिस्टेंस लेवल पर ट्रेड कर रहा है। नई लॉन्ग पोजीशन बनाने के लिए 679 रुपये के हाल के हाई लेवल से ऊपर क्लोज होने का इंतज़ार करना चाहिए।
SBI पब्लिक सेक्टर बैंकिंग सेगमेंट में सबसे अच्छे और आउटपरफॉर्मर शेयरों में से एक है। हालांकि, हाल की तेज़ी में स्टॉक बहुत ज़्यादा ओवरबॉट हो गया है और शॉर्ट टर्म में इसमें गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता।
IIFL फाइनेंस में थोड़ा सावधान रहना चाहिए और निर्णायक ब्रेकआउट का इंतज़ार करना चाहिए, जबकि SBI किसी पुलबैक में 820-800 रुपये के बैंड के आसपास खरीदने के लिए एक अच्छा कैंडिडेट है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।