
Dmart Share Price: सुपरमार्केट और हाइपरमार्केट चेन डीमार्ट की पैरेंट कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts) के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव दिखा। दिसंबर तिमाही में मार्जिन में तेज उछाल के दम पर धमाकेदार कमाई के बावजूद इसे लेकर ब्रोकरेजेज का रुझान मिला-जुला है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.51% की गिरावट के साथ ₹3785.75 के भाव (DMart Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 1.11% टूटकर ₹3763.00 तक आ गया था। चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 में डीमार्ट का शुद्ध मुनाफा 17% उछलकर ₹856 करोड़ और रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹18,101 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 20.2% बढ़कर ₹1,463 करोड़ और ऑपरेटिंग मार्जिन 7.7% से सुधरकर 8.1% पर आ गया। हालांकि सेम-स्टोर (LFL) ग्रोथ सुस्त होकर 5.6% पर आ गया जोकि ब्रोकरेजेज के लिए प्रमुख चिंता का विषय है।
क्या कहना है ब्रोकरेज फर्मों का?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने ₹4050 के टारगेट प्राइस के साथ डीमार्ट की होल्ड रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का यह रुझान रेवेन्यू ग्रोथ की सुस्ती और एलएफएल रुझानों में कमी के बीच अच्छे मार्जिन के साथ कमाई के चलते दिखा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और नए सीईओ आने से जुड़े रिस्क को लेकर सतर्क भी किया है।
एक और ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने ₹4351 के टारगेट प्राइस के साथ डीमार्ट को फिर से होल्ड रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि प्रॉफिट ग्रोथ अच्छे मार्जिन के साथ रही जिसे डिस्काउंट में कमी का फायदा मिला। कंपनी ने डीमार्ट रेडी ग्रोथ में रिवाइवल का संकेत दिया लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने वित्त वर्ष 2026-27 के अनुमानों में बदलाव किया है ताकि सुस्त ग्रोथ और मार्जिन अधिक फोकस दिख सके।
वहीं दूसरी तरफ एक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने ग्रोथ में सुस्ती और मार्जिन से जुड़े रिस्क पर इसे सेल रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹3150 फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि सेम-स्टोर ग्रोथ सुस्त होकर 5.6% पर आ गई जिसके चलते दिसंबर 2025 तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 13% की रफ्तार से बढ़ा जोकि अनुमान से कम रहा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि जरूरी चीजों की कीमतों में गिरावट का रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ा। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 20% और मुनाफा 18% की रफ्तार से बढ़ा और अनुमान से थोड़ा ही अधिक रहे। सिटी का कहना है कि मार्जिन के बने रहने का रिस्क अभी भी है। सिटी का कहना है कि ग्रास मार्जिन में विस्तार एफएमसीजी डिस्काउंट या जीएसटी रिफॉर्म के बाद डिस्काउंट में कटौती के चलते हो सकता है। सिटी की रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि पिछली 12 में से 10 तिमाहियों में प्रॉफिट की ग्रोथ रेवेन्यू की ग्रोथ से कम रही जिसकी वजह क्विक कॉमर्स से बढ़ते कॉम्पटीशन और कॉस्ट इनफ्लेशन रही।
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