
सीएनबीसी- आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल
शुक्रवार को निफ्टी 20 और 50 DEMA के काफी नीचे बंद हुआ। निफ्टी अब 20 WEEK EMA पर ठीक बंद हुआ है। निफ्टी अब दिसंबर की ट्रेडेड रेंज के भी नीचे है। 100 DMA 25,600 पर है और नवंबर का क्लोजिंग लो 25,500 पर है। अगर यहां बाउंस नहीं हुआ तो 200 DMA के 25,250 तक फिसल सकता है। मार्केट के लिए समस्या ये है कि मिडकैप, स्मॉलकैप में भारी बिकवाली है।
अनुज सिंघल ने कहा कि FIIs की बिकवाली इंडेक्स फ्यूचर्स में तेज हो रही है। FIIs ने कैश में `3,769 Cr और इंडेक्स फ्यूचर्स में `3,195 Cr की बिकवाली की। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशंस अब 92.5% पर है। पिछली बार इतनी शॉर्ट पोजिशंस अक्टूबर 2025 में देखी गई थी। पिछली बार जब FIIs 92.5% शॉर्ट थे, तो निफ्टी करीब 1000 अंब भागा था।
ट्रंप-पावेल आमने-सामने
US में अभी वो हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुई। कल रात फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने बड़ा बयान दिया और कहा ट्रंप प्रशासन ने क्रिमिनल जांच शुरू की। ट्रंप के हिसाब से दरें नहीं घटाने पर जांच शुरू की गई है। क्रिमिनल जांच पिछले बयान, दरों पर स्वतंत्र नीति से जुड़ी है। इस जांच की आंच के बाद वॉल स्ट्रीट पर घबराहट बढ़ गई।
इस बीच ग्लोबल इक्विटी बाजारों में डर बढ़ा, सोने की चमक बढ़ी। डाओ फ्यूचर्स में 200 अंकों की गिरावट आई। सोने, चांदी और क्रूड में जोरदार उछाल देखने को मिला। सोना करीब 2% चढ़कर $4600 के नए शिखर पर पहुंचा। चांदी भी 5% चढ़कर नई ऊंचाई पर पहुंची। ब्रेंट क्रूड भी $63 डॉलर के पार निकला है।
इस हफ्ते के बड़े संकेत
इस हफ्ते मैक्रो और माइक्रो दोनों स्तर पर बड़े संकेत हैं। सबसे बड़ा संकेत: भारत में US राजदूत सर्जियो गोर मौजूद होंगे। सर्जियो गोर प्रेसिडेंट ट्रंप के इनर सर्किल में हैं। पिछले हफ्ते भारत-US सेंटिमेंट में बड़ी गिरावट आई। पिछले हफ्ते 500% टैरिफ की धमकी और लुटनिक की मोदी पर बात सामने आई थी। ये साफ है कि अब बाजार के लिए सबसे बड़ा डर अमेरिका की तरफ से आ रहा है। इस हफ्ते ये देखना अहम होगा कि क्या तनाव शांत होता है।
इस बीच डॉलर-रुपया 90 के ऊपर नाजुक स्थिति में है। बाजार एक बार फिर टूटना बर्दाश्त नहीं कर सकता। पिछले हफ्ते इन सभी संकेतों के चलते IT शेयरों पर काफी दबाव था। इसके अलावा, इस हफ्ते से नतीजों का मौसम पूरी तरह शुरू होगा। आज TCS और HCL टेक के नतीजे आएंगे, बुधवार को इंफोसिस के नतीजे आएंगे। शुक्रवार को मार्केट के बाद रिलायंस और शनिवार को HDFC and और ICICI बैंक के नतीजे आएंगे। इस हफ्ते के अंत तक निफ्टी के वेट का लगभग 29.67% नतीजे आएंगे।
मार्केट: अब क्या हो रणनीति?
बाजार में इस समय सेंटिमेंट काफी खराब है, लेकिन फंडामेंटल्स बिल्कुल भी खराब नहीं हैं। ऐसे में आपको निवेश के लिए अच्छे भाव मिल रहे हैं, लेकिन ट्रेडिंग में स्क्रीन को सम्मान करना जरूरी है । बड़ा पैसा फिलहाल शॉर्ट करके बन रहा है। लेकिन बाजार बहुत ज्यादा ओवरसोल्ड है, बाउंसबैक कभी भी हो सकता है। अगर दोनों तरफ ट्रेड्स नहीं ले सकते तो इंडेक्स से बचें। ये बाजार पैसा बचाने का है, बनाने का नहीं। जब पैसा बनाने का बाजार आए तब पैसा होना चाहिए।
राधाकिशन दमानी जी की एक गोल्डन स्टेटमेंट याद आता है। उन्होंने कहा है कि बाजार में जब अठन्नी का भाव चौवन्नी में मिले तो जेब में चौवन्नी होनी चाहिए। लिहाजा बाजार में चुनिंदा शेयरों में एक्शन काफी है। फंडामेंटली मजबूत शेयरों की लिस्ट बनाकर रखिए और गिरावट में खरीदते रहें।
निफ्टी पर रणनीति
पहला सपोर्ट 25,600 (100 DEMA, शुक्रवार का low) पर है। बड़ा सपोर्ट 25,500-25,550 (ऑप्शंस जोन, नवंबर का क्लोजिंग low) पर है। पहला रजिस्टेंस 25,750-25,850 (ऑप्शंस जोन) पर है। बड़ा रजिस्टेंस 25,850-25950 (50 DEMA) पर है। अगर आपको कोई साफ ट्रेड दिखे, तभी निफ्टी में पोजिशन लें। इस बाजार में लेवल आधारित ट्रेडिंग काम नहीं करेगी।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
लंबे समय के बाद बैंक निफ्टी 20 DEMA के नीचे बंद हुआ। किसी भी रिकवरी के लिए बैंक निफ्टी को कुछ वक्त 59,500 के ऊपर गुजारना होगा। नीचे की ओर अगला बड़ा सपोर्ट 58,800-59,000 (50 DEMA) पर है। 58,800 के नीचे 57,500 तक कोई बड़ा सपोर्ट नहीं। देखना होगा कि HDFC और ICICI बैंक के नतीजों के पहले बाजार कैसी पोजिशनिंग करता है।
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